भाजपा ने घोटालों की जांच जेपीसी से कराने की मांग की

कोलकाता में मंगलवार को हुई पार्टी के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक में पारित एक राजनीतिक प्रस्ताव में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और उनके नेतृत्व वाली संप्रग सरकार को हर मोर्चे पर विफल करार देते हुए सरकार में हुए सभी घोटालों की जेपीसी से जांच कराने, एस-बैंड मामले में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान ससंगठन (इसरो) और निजी कम्पनी देवास मल्टी मीडिया के बीच हुए करार पर प्रधानमंत्री से बयान देने, महंगाई रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने और हाल ही में व्यापक स्तर पर हुए टेलीफोन टैपिंग मामले पर सरकार की ओर से आधिकारिक बयान जारी करने की मांग की गई।

प्रस्ताव में कहा गया है कि घोटालों की श्रृंखला, बढ़ती महंगाई, सरकार और उसकी नीतियों के प्रति विश्वनीयता की कमी, संवैधानिक संस्थाओं के प्रति असम्मान, शासन की असफलता और सत्ताधारियों की चुप्पी के कारण राष्ट्रीय संकट सी स्थिति पैदा हो गई है और लोग खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं।

महंगाई के बारे में कहा गया कि मुद्रास्फीति की दर पिछले 24 महीनों में 15 से 18 प्रतिशत के बीच बनी हुई है। इसे काबू में करने के लिए आवश्यक कदम उठाने में सरकार विफल रही है। अपनी जिम्मेदारी से भागते हुए सरकार इसके लिए जमाखोरों और काला बाजारियों को दोषी ठहरा रही है। इस सरकार के अधीन अर्थव्यवस्था लगातार कमजोर होती जा रही है।

प्रस्ताव में विदेशों में जमा काले धन को गम्भीर राष्ट्रीय महत्व का मुद्दा बताया गया है। इसमें कहा गया है कि सरकार आधे अधूरे मन से इसे वापस लाने की बात कर रही है।

2जी स्पेक्ट्रम, राष्ट्रमंडल खेल, आदर्श हाउसिंग सोसायटी और एस-बैंड से सम्बंधित घोटालों का जिक्र करते हुए पार्टी ने कहा कि इन घोटालों से आम आदमी का विश्वास हिल गया है। इन सभी घोटालों में करदाताओं की गाढ़ी कमाई की लूट हुई है। भ्रष्टाचार के इन मामलों के लिए संप्रग सरकार जिम्मेदार है।

प्रस्ताव में कहा गया है, "इन घोटालों में कहां गड़बड़ी हुई है, किसकी क्या भूमिका रही है, सरकारी तंत्र कहां असफल हुआ, जैसे मामलों का पता सिर्फ जेपीसी ही लगा सकती है। इन घोटालों और सरकारी नीतियों के कारण विकास की प्रक्रिया ठप्प सी पड़ गई है। भारतीय उद्योग जगत अब विदेशों का रुख कर रहा है।"

पार्टी की युवा इकाई भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) द्वारा लाल चौक पर तिरंगा फहराने के कार्यक्रम के दौरान लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज और राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली के साथ हुए व्यवहार को पार्टी ने गैरकानूनी बताया और इसे रोकने के लिए केंद्र व जम्मू एवं कश्मीर की सरकार की कड़ी निंदा की।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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