इटली पहुंचे 5000 ट्यूनीशियाई प्रवासी

रोम, 15 फरवरी (आईएएनएस)। पिछले सप्ताह 5,000 से अधिक ट्यूनीशियाई प्रवासी अवैध तरीके से इटली पहुंचे। इसे देखते हुए इटली के अधिकारियों को दक्षिणी द्वीप लैम्पीडूसा में गश्त बढ़ा देनी पड़ी है।

लैम्पीडूसा पहुंचे ट्यूनीशियाई लोगों का कहना है कि तानाशाह राष्ट्रपति जिन अल आबिदीन बेन अली को 14 जनवरी को सत्ता से बेदखल कर दिया गया था। अब उन्हें वहां अपने उत्पीड़न का डर था।

समाचार एजेंसी एकेआई के मुताबिक सरकार ने 'मानवीय आपात स्थिति' की घोषणा की है और उत्तरी अफ्रीका में मौजूदा अशांति की स्थिति में लोगों का पलायन बढ़ने के खतरे के बीच प्रवासियों की बढ़ती संख्या से निपटने के लिए यूरोपीय संघ से 10 करोड़ यूरो (13.4 करोड़ डॉलर) की मदद देने के लिए कहा है।

सिसिली और ट्यूनीशिया के बीच स्थित लैम्पीडूसा में 100 से ज्यादा सैन्य पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।

गृह मंत्री रोबटरे मारोनी ने लैम्पीडूसा में एक शरणार्थी पारगमन केंद्र दोबारा खोलने का आदेश दिया था जबकि सैकड़ों प्रवासी अन्य केंद्रों में भेजे गए।

वर्तमान में लैम्पीडूसा पारगमन केंद्र में करीब 2,000 शरणार्थी हैं जबकि इसे केवल 800 लोगों के रहने के लिए बनाया गया था।

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी की प्रवक्ता लॉरा बोल्डरिनी के मुताबिक एक छोटे से काल में लैम्पीडूसा में अप्रत्याशित संख्या में लोग पहुंचे हैं।

उन्होंने कहा, "हमें शरणार्थियों को लैम्पीडूसा से इटली के अन्य स्थानों पर स्थानांतरित करने की जरूरत है।"

ट्यूनीशिया में एक विद्रोह के बाद वहां के तानाशाह राष्ट्रपति जिन अल आबिदीन बेन अली को 14 जनवरी को सत्ता से बेदखल कर दिया गया था। अली 23 साल से सत्ता पर काबिज थे।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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