कुरैशी-पीपीपी के बीच मतभेद समाप्त
कुरैशी नए कैबिनेट में विदेश मंत्रालय वापस न मिलने से नाराज थे लेकिन अब उन्होंने कहा है कि उन्हें किसी तरह का गिला-शिकवा नहीं है। दूसरी ओर, पीपीपी ने भी उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई न किए जाने की घोषणा की है।
कुरैशी ने एक बयान में कहा कि शुक्रवार को सरकार में शामिल किए गए 22 सदस्यों के मजबूत दल से उन्हें बाहर रखने को लेकर पार्टी और पार्टी नेतृत्व से उन्हें कोई निजी शिकायत नहीं है।
ज्ञात हो कि पिछले सप्ताह मंत्रिमंडल का आकार छोटा करने की प्रक्रिया में कुरैशी को जल एवं विद्युत मंत्रालय का प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन उन्होंने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया था।
प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने अभी तक नया विदेश मंत्री नियुक्त नहीं किया है।
समाचार पत्र 'डान' ने मंगलवार को कहा है कि कुरैशी ने कहा कि वह मंत्रिमंडल में बदलाव के पार्टी के निर्णय का सम्मान करते हैं।
कुरैशी का यह बयान तब आया है, जब पीपीपी के कुछ सदस्यों ने विभाग में बदलाव को अस्वीकार करने के लिए कुरैशी के खिलाफ अनुशानात्मक कार्रवाई की मांग की।
कुरैशी के बयान के तत्काल बाद पीपीपी के सह अध्यक्ष एवं राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के प्रवक्ता, फरहतुल्ला बाबर ने कहा कि पूर्व विदेश मंत्री के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई सम्बंधी खबर गलत है।
कुरैशी ने अपने बयान में कहा, "कैबिनेट में परिवर्तन करने के पार्टी नेतृत्व के निर्णय का मैं सम्मान करता हूं और देश, पार्टी तथा पार्टी नेतृत्व के हितों को हमेशा सर्वोपरि रखता हूं तथा मैंने हमेशा ऐसा किया है।"
कुरैशी ने कहा कि वह पार्टी और उसके आदर्शो एवं सिद्धांतों के प्रति समर्पित हैं।
लाहौर गोलीकांड मामले में गिरफ्तार किए गए अमेरिकी राजनयिक रेमंड डेविस के संदर्भ में कुरैशी ने कहा, "मैंने रेमंड डेविस मामले से सम्बंधित खास तथ्यों की पुष्टि की है।"
ज्ञात हो कि कुरैशी ने शनिवार को कहा था कि अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने डेविस के लिए कूटनीतिक कवच की पुष्टि करने के लिए उन पर दबाव बनाया था। इस बयान के बाद कुरैशी को आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है।
बाबर ने 'डान' से कहा कि डेविस के मुद्दे पर पार्टी का रुख असंदिग्ध और बिल्कुल साफ है। 'डान' ने बाबर के हवाले से कहा है, "मामला अदालत में है और इस पर टिप्पणी करना अनुचित है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications