उड़ीसा में 3 हाथियों की जहर देकर मौत
उद्यान के निदेशक एच.एस. उपाध्याय ने आईएएनएस को बताया कि हाथियों के शव रविवार को मिले थे। उन्हें जहर दिया गया था।
पिछले साल अप्रैल में इसी उद्यान में सात हाथी मृत मिले थे। हाथियों की मौत से चिंतित केंद्रीय पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने इसकी वजह पता लगाने के लिए यहां विशेषज्ञों का एक दल भेजा था।
उपाध्याय ने कहा कि हो सकता है कि शिकारियों ने हाथी दांत हासिल करने के मकसद से नर हाथियों के लिए जहर युक्त भोजन रखा हो और उसे मादा हाथियों ने खा लिया हो। उन्होंने बताया कि हाथियों के शवों में उनके चेहरे काले पड़े हुए थे और उनकी नाक से खून बह रहा था।
पिछले साल हुई गणना के मुताबिक उड़ीसा में 1,886 हाथी हैं। मयूरभंज जिले के सिमिलीपाल में करीब 400 हाथी रहते हैं।
'वाइल्डलाइफ सोसायटी ऑफ उड़ीसा' एनजीओ के सचिव बिस्वजित मोहंती ने आईएएनएस को बताया, "राज्य सरकार केंद्र सरकार के कई दिशा-निर्देशों के बावजूद जानबूझकर सिमिलीपाल में वन्यजीवों की सुरक्षा की अनदेखी कर रही है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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