ग्रॉसमैन होंगे अफगानिस्तान, पाकिस्तान के लिए अमेरिकी दूत
वाशिंगटन, 15 फरवरी (आईएएनएस)। ओबामा प्रशासन ने सेवानिवृत्त वरिष्ठ राजनयिक एवं तुर्की में अमेरिका के राजदूत रहे मार्क ग्रॉसमैन को अफगानिस्तान एवं पाकिस्तान के लिए अपना नया विशेष दूत बनाने का निश्चय किया है। यह जानकारी अमेरिकी मीडिया ने दी है।
ग्रॉसमैन 2005 में विदेश विभाग से मुक्त हो गए थे और फिलहाल वह एक परामर्शदाता कम्पनी के उपाध्यक्ष हैं। ग्रॉसमैन को रिचर्ड सी. हॉलब्रुक के स्थान पर नियुक्त किया जाएगा। हॉलब्रुक का दिसम्बर में निधन हो गया था।
समाचार पत्र 'न्यूयार्क टाइम्स' ने विदेश विभाग के एक अधिकारी के हवाले से कहा है कि विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने सोमवार को ग्रॉसमैन से मुलाकात की और हॉलब्रुक के कार्यालय के सदस्यों से उनका परिचय कराया।
अधिकारी ने कहा कि ग्रॉसमैन को अभी एक पुनरीक्षण प्रक्रिया से गुजरना होगा, यद्यपि क्लिंटन शुक्रवार तक उनकी नियुक्ति की घोषणा कर सकती हैं।
ग्रॉसमैन फिलहाल पूर्व अमेरिकी रक्षा मंत्री एवं सीनेटर विलियम कोहेन के नेतृत्व वाले वाशिंगटन स्थित परामर्शदाता समूह, कोहेन ग्रुप के उपाध्यक्ष हैं।
ग्रॉसमैन ने 2001 और 2005 के बीच विदेश विभाग में राजनीतिक मामलों के उप मंत्री के रूप में काम किया था और 1994 से 1997 के बीच वह तुर्की में अमेरिका के राजदूत रहे।
पिछली जुलाई में उन्होंने 'द जर्मन मार्शल फंड फॉर द यूएस' के लिए एक रिपोर्ट तैयार की थी। रिपोर्ट में उन्होंने अफगानिस्तान के विस्तृत अफीम के खेतों को सीधे हरित जैव ईंधन में बदलने की एक योजना का समर्थन किया था। उन्होंने कहा था कि इस तरह की किसी परियोजना के जरिए नशीले पदार्थो के खिलाफ लक्ष्यों को हासिल किया जा सकता है और पर्यावरण सम्बंधी चिंताओं को दूर किया जा सकता है।
तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के अधीन काम करने के दौरान ग्रॉसमैन ने 2002 में उस समय काफी सुर्खियां बटोरी थी, जब उन्होंने प्रस्तावित अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय की आलोचना की थी। उन्होंने उसे 'निरंकुश शक्ति का संस्थान' बताया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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