अयोग्य निर्दलीय विधायकों को झटका, येदियुरप्पा को मिली राहत (लीड-1)
निर्दलीय विधायकों में चार येदियुरप्पा सरकार में मंत्री थे। इनके बागी तेवरों के चलते येदियुरप्पा सरकार अल्पमत में आ गई थी। अदालत का यह फैसला येदियुरप्पा के लिए बहुत ही राहत भरा है।
न्यायमूर्ति मोहन शांतानागौदर, न्यायमूर्ति एस. अब्दुल नजीर और न्यायमूर्ति एस. एस. बोपन्ना की पूर्ण पीठ ने इस मामले की सुनवाई करते हुए सोमवार को यह फैसला सुनाया। इससे पहले इस पीठ ने गत एक फरवरी को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
निर्दलीय विधायकों गुलिहट्टी शेखर, डी. सुधाकर, पी. एम. नरेंद्रस्वामी, वेंकटारमनप्पा और शिवराज टंगाडागी ने राज्यपाल हंसराज भारद्वाज को पत्र लिखकर कहा था कि उनका मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा पर विश्वास नहीं रहा।
इन पांच निर्दलीय विधायकों को बोपैया ने अयोग्य ठहरा दिया था। इसके बाद इन विधायकों ने विधानसभाध्यक्ष के फैसले को अदालत में चुनौती दी थी।
इन निर्दल्ीय विधायकों ने अब सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की बात कही है।
येदियुरप्पा ने गत वर्ष पहले 11 अक्टूबर को ध्वनिमत से विश्वासमत जीता था। फिर 13 अक्टूबर को विधायकों को अयोग्य करार दिए जाने के बाद येदियुरप्पा ने फिर से बहुमत साबित किया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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