झारखण्ड ओलम्पिक संघ के प्रमुख के खिलाफ जांच
राष्ट्रीय खेल के उद्घाटन समारोह की रौनक बढ़ाने के लिए बॉलीवुड अभिनेता विवेक ओबरॉय और अभिनेत्री अमीषा पटेल को आमंत्रित किया गया था। रांची, जमशेदपुर और धनबाद में रविवार से प्रतिस्पधाएं शुरू हुईं।
गौरतलब है कि बुनियादी ढांचे की तैयारी पूरा न होने की वजह से राष्ट्रीय खेलों को छह बार स्थगित करना पड़ा है। अब इससे जुड़ा एक नया विवाद शुरू हो गया है।
लेखा सम्बंधी एक रपट में वित्तीय अनियमितता के कई मसले उठाए गए हैं। भारतीय ओलम्पिक संघ (आईओए) के अध्यक्ष सुरेश कलमाडी की तरह ही झारखण्ड ओलम्पिक संघ (जेओआई) के प्रमुख ए. के. आनंद पर भी उपकरणों की खरीद और अन्य दूसरे ठेकों को लेकर आर्थिक कुप्रंबधन के आरोप लग रहे हैं।
राज्य सतर्कता ब्यूरो ने पिछले साल छह अक्टूबर को आनंद सहित जेओए से जुड़े अन्य अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। जेओए के महासचिव एस. एम. हाशमी के खिलाफ भी शिकायत दर्ज कराई गई है।
आरोपों में कहा गया है कि राष्ट्रीय खेल से जुड़ी तैयारियों और उद्घाटन समारोह में लगी कम्पनियों को पहले ही 11 करोड़ रुपये के भुगतान कर दिए गए। जेओए विभाग के अन्य पदाधिकारियों के खिलाफ उच्च दरों पर उपकरणों को खरीदने के आरोप लगे हैं।
उदाहरण के तौर पर देखा जाए तो, एक सीटी खरीदने के लिए 450 रुपये का भुगतान किया गया जबकि बाजार में उसकी कीमत 40 से 60 रुपये के बीच है।
विश्वस्त सरकारी सूत्रों ने आईएएनएस को बताया कि आनंद और अन्य अधिकारियों के खिलाफ छानबीन की वजह से ही राष्ट्रीय खेल शुरू होने में देरी हुई।
सूत्र ने बताया, "खेल को आयोजित करना सरकार के एजेंडे में था। राज्य सरकार के लिए यह प्रतिष्ठा का मसला बन गया था जिसे वह मोड़ना नहीं चाहती थी।"
खेल के 26 फरवरी को समाप्त होने के बाद फिर से छानबीन शुरू होगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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