प्रचंड का 7 सूत्री समझौता लागू करने पर जोर (लीड-1)
काठमांडू, 13 फरवरी (आईएएनएस)। नेपाल में एकीकृत नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के अध्यक्ष पुष्प कमल दहाल 'प्रचंड' ने सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल-एकीकृत मार्क्सवादी लेनिनवादी (सीपीएन-यूएमएल) के साथ हुए सात सूत्री समझौते को लागू करने पर जोर दिया है।
इस बीच प्रधानमंत्री झलनाथ खनाल ने सात सूत्री समझौते के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई जो हाल ही में सत्ताधारी सीपीएन-यूएमएल और यूसीपीएन (माओवादी) के बीच हुए हैं।
प्रचंड ने कहा कि सात सूत्री समझौते की शर्त पर ही खनाल प्रधानमंत्री चुने जा सके इसलिए उनकी पार्टी उम्मीद करती है कि खनाल इस द्विपक्षीय समझौते को तत्परता से लागू करेंगे।
माओवादियों के 'पीपुल्स वार' (लोकयुद्ध) की 15वीं वर्षगांठ पर 'काठमांडू पोस्ट' को शनिवार शाम दिए साक्षात्कार में प्रचंड ने कहा, "हमारी पार्टी तीन फरवरी को हुए समझौते के सभी पक्षों पर तथ्यों के साथ स्पष्टीकरण देने और चर्चा करने को तैयार है, क्योंकि नेपाली कांग्रेस एवं सीपीएन-यूएमएल के एक धड़े ने हमारी नीयत पर संदेह प्रकट किया है।"
उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री की पार्टी के दो वरिष्ठ नेताओं पूर्व प्रधानमंत्री माधव कुमार नेपाल व के.पी. ओली ने गृह मंत्रालय के माओवादियों के दावे पर आपत्ति जताई है और कहा है कि सात सूत्री समझौता खनाल और माओवादी नेतृत्व के बीच गुप्त रूप से हुआ है।"
माओवादी प्रमुख ने कहा, "मैं उम्मीद करता था कि समझौते पर हस्ताक्षर करने से पहले खनाल ने अपनी पार्टी के नेताओं की सहमति ले ली होगी।"
प्रचंड ने प्रधानमंत्री चुनाव के 10 दिन बाद भी मंत्रिमंडल विस्तार के मुद्दे पर गतिरोध बने रहने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि गृह, रक्षा एवं अन्य महत्वपूर्ण मंत्रालय समझौते को ध्यान में रखते हुए उपयुक्त व्यक्तियों को दिया जाना चाहिए, अन्यथा खनाल को समझौते पर कायम रहने में विफल माना जाएगा।
उधर, काठमांडू में प्रेस चौटारी नेपाल द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री खनाल ने कहा कि सरकार ने सात सूत्री समझौते पर अमल करना शुरू कर दिया है।
खनाल के अनुसार समझौते को लेकर अन्य पार्टियों के रवैए से थोड़ी चिंता जरूर है। उन्होंने हालांकि दावा किया कि उनकी पार्टी और यूसीपीएन (माओवादी) दोनों समझौते को पूरी तरह लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रधानमंत्री खनाल ने यह भी स्वीकार किया कि सीपीएन-यूएमएल का विचार है कि गृह मंत्रालय माओवादियों को नहीं दिया जाना चाहिए।
उन्होंने हालांकि कहा कि मंत्रिमंडल गठन के मसले को कुछ दिनों के भीतर हल कर लिया जाएगा और कैबिनेट को पूर्ण आकार दिया जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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