यमन में राष्ट्रपति के खिलाफ रैली
राष्ट्रपति ने इस महीने की शुरुआत में विपक्ष से वादा किया था कि वह अपना अगला कार्यकाल जारी नहीं रखेंगे और न ही अपने पुत्र को सत्ता सौंपेंगे।
सैकड़ों की संख्या में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों ने इस मध्य पूर्वी देश में सत्ता परिवर्तन की मांग को लेकर राष्ट्रपति के महल की तरफ रैली निकाली।
समाचार चैनल 'सीएनएन' के मुताबिक कुछ प्रदर्शनकारियों ने 'पहले मुबारक अब अली' के नारे लगाए।
ज्ञात हो कि मिस्र के राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक ने अपनी करीब 30 साल के तनाशाही शासन के विरोध में हुए जनांदोलन के बाद गत शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए सुरक्षाकर्मियों ने महल से करीब दो मील की दूरी पर मार्ग को बंद कर दिया और अवरोधक लगाए।
सरकार विरोधी प्रदर्शनकारी रविवार सुबह सना विश्वविद्यालय में एकत्र हुए। यहां सरकार समर्थक प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति की तस्वीर के साथ मौजूद थे।
सरकार विरोधी प्रदर्शनकारी जब महल की तरफ बढ़ने लगे तो पुलिस ने भीड़ को तितर बितर करने का प्रयास किया और सरकार समर्थकों को उनका पीछा करने से रोका।
सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों में छात्र एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता शामिल थे। सना की गलियों से निकलते समय इनकी संख्या बढ़ती गई।
उल्लेखनीय है कि सालेह यमन में गत 32 वर्षो से शासन कर रहे हैं। उन्होंने वादा किया है कि वह मौजूदा कार्यकाल समाप्त होने के बाद चुनाव में हिस्सा नहीं लेंगे। उनका कार्यकाल वर्ष 2013 में समाप्त हो रहा है।
इस बीच विपक्ष ने राष्ट्रपति सालेह की राजनीतिक सुधार की पेशकश को स्वीकार कर लिया है। राष्ट्रपति ने यह पेशकश इस महीने की शुरुआत में की थी।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने विपक्षी गठबंधन के हवाले से बताया, "राष्ट्रपति सालेह द्वारा गत 2 फरवरी को की गई पेशकश को हम स्वीकार करते हैं।"
गठबंधन के मुताबिक, "इस सप्ताह हम राष्ट्रपति की सत्ताधारी पार्टी के साथ बातचीत करने के लिए तैयार हैं।" विपक्ष का कहना है कि ट्यूनिशिया और फिर मिस्र में प्रदर्शन से उपजी अराजकता की स्थिति से बचने के लिए वह बातचीत के लिए तैयार हुए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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