मिस्र में सत्ता का शांतिपूर्ण हस्तांतरण करेगी सेना (लीड-1)
समाचार चैनल अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक देश के नए सैन्य नेताओं ने शनिवार को सरकारी टेलीविजन पर देश की कुछ चिंताओं को कम करने के क्रम में घोषणाएं कीं। उन्होंने वादा किया कि वे देश की सत्ता एक जनता द्वारा चुनी गई सरकार को सौंप देंगे।
उन्होंने यह भी वादा किया कि वे वर्ष 1979 में इजरायल के साथ हुई संधि के साथ ही सभी अंतर्राष्ट्रीय संधियों का सम्मान करेंगे।
सरकारी टेलीविजन की रिपोर्ट के अनुसार देश में कर्फ्यू की अवधि कम कर दी गई है। अब यह आधी रात से सुबह से छह बजे तक प्रभावी है।
सैन्य परिषद के प्रमुख रक्षा मंत्री एयर फील्ड मार्शल मोहम्मद हुसैन तांतवी देश का शासन सम्भाल रहे हैं।
सैन्य परिषद ने कहा कि वह 'महान राष्ट्र की आकांक्षाओं को मूर्त रूप देने के लिए' हालात का जायजा ले रही है।
मुबारक के 30 वर्षो के तनाशाही सरकार के अंत पर अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के पूर्व अध्यक्ष और मुबारक के मुखर विरोधी मोहम्मद अल बरदई ने लोगों का स्वागत करते हुए कहा कि 'एक सपना सच हुआ।'
उन्होंने कहा, "आज प्रत्येक मिस्र वासी कैसा अनुभव कर रहा है, यह मैं नहीं बता सकता। हम अपनी मानवता को कायम करने में समर्थ हुए हैं।"
पिछले कुछ सप्ताहों से प्रदर्शन का केंद्र रहे तहरीर चौक और उसके आस पास के मार्ग अवरोधों को नागरिकों और सेना के जवानों ने हटा दिया है।
तहरीर चौक पर हजारों की संख्या में लोग एकत्र हैं और उनमें से कई गलियों और बगीचों की साफ सफाई करने में जुटे हैं।
चिकित्सा के एक छात्र मरियम ने बताया, "यह एक शुरुआत है। देश के पुनर्निर्माण में अब हमें अपनी वास्तविक भूमिका का निर्वहन करना है।"
रविवार को उम्मीद है कि बैंकों में कामकाज होगा और व्यापारिक प्रतिष्ठान खुलेंगे। काहिरा के शेयर बाजार के एक अधिकारी ने बताया बुधवार को विदेशी मुद्रा बाजार दोबारा खुलेगा।
ज्ञात हो कि मुबारक के करीब 30 वर्षो के शासन के खिलाफ जारी जनांदोलन उनके इस्तीफे के बाद शांत हुआ। मुबारक ने इस्तीफे के बाद देश की बागडोर सशस्त्र सेनाओं की सर्वोच्च परिषद को सौंप दी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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