नेपाल के जुआघरों पर संकट
काठमांडू, 12 फरवरी (आईएएनएस)। नेपाल के 10 जुआघरों में से आठ पर संकट के बादल छा गए हैं। ये जुआघर कभी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र हुआ करते थे। एक संसदीय समिति द्वारा निर्धारित समय सीमा के अनुसार ये जुआघर शुक्रवार तक बकाया सरकारी पैसे का भुगतान नहीं कर पाए हैं।
राजनीतिक संकट और मजदूर आंदोलन के कारण व्यापार में गिरावट का सामना कर रहे इन जुआघरों पर सामूहिक रूप से सरकार का 40 करोड़ नेपाली रुपये बकाया है। इस कारण संसद की लोक लेखा समिति ने सरकार को निर्देश दिया कि यदि ये जुआघर 35 दिनों के भीतर बकाए का भुगतान नहीं कर पाते हैं तो उनके लाइसेंस समाप्त कर दिए जाएं।
शुक्रवार को समय सीमा समाप्त होने के बाद राजस्व जांच विभाग ने कहा कि आठ जुआघरों ने अभी तक भुगतान नहीं किया है। इन जुआघरों में से अधिकांश का स्वामित्व पहले भारतीय व्यापारी राकेश वाधवा द्वारा संचालित एक कम्पनी के पास था।
नेपाल रीक्रिएशन सेंटर (एनआरसी) के प्रबंध निदेशक वाधवा एक समय नेपाल के अधिकांश जुआघरों को संचालित करते थे। लेकिन सत्ताधारी कम्युनिस्टों और विपक्षी माओवादियों के बीच राजनीतिक लड़ाई में यह पूरा उद्योग चौपट हो गया और उसके बाद वाधवा नेपाल छोड़कर भाग गए। अब खबर यह है कि वह भारत के गोवा में निवेश करने के लिए जुआघरों में अपनी हिस्सेदारियां बेचने की कोशिश कर रहे हैं।
इनमें से दो जुआघरों के मालिक एक समय वाधवा थे। इनमें से दक्षिण एशिया के सबसे पुराने, कैसिनो नेपाल ने बकाए के भुगतान के लिए अतिरिक्त समय मांगा है। डीआरआई ने कहा है कि वह इस पर अगले सप्ताह कोई निर्णय लेगा।
जहां कैसिनो नेपाल को 13 करोड़ नेपाली रुपये का भुगतार करना है, वहीं कैसिनो अन्ना को 10.30 करोड़ नेपाली रुपये का भुगतान करना है। कैसिनो अन्ना का स्वामित्व विवादों में आ गया है, क्योंकि जिस पांच सितारा होटल द अन्नपूर्णा के परिसर में यह चलता है, उसने पिछले महीने एक सार्वजनिक नोटिस जारी कर दिया था। नोटिस में कहा गया था कि कैसिनो ने किराए का भुगतान नहीं किया है, लिहाजा वह परिसर खाली कर दे।
यही हाल कैसिनो शांगरी-ला का है। इसकी मुख्य कार्यकारी वाधवा की पत्नी शालिनी वाधवा हैं। किराया न दे पाने के कारण होटल शांगरी-ला ने कैसिनो को हटाने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया है।
काठमांडू के जिन दो जुआघरों ने अपने बकाए का भुगतान कर दिया है, उनके सामने भी अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है, क्योंकि वे भी एनआरसी के अधीन हैं। ये जुआघर हैं- कैसिनो तारा और एवरेस्ट।
अन्य जुआघरों की स्थिति भी लगभग कुछ ऐसी ही बनी हुई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications