छह देशों में चल रही बदलाव की बयार
मिस्र और ट्यूनीशिया में तमाम मुद्दों को लेकर लोगों के धरना-प्रदर्शनों से मिली कामयाबी को देखते हुए मध्य पूर्व के अन्य देशो में भी बदलाव की लहर तैरने लगी है। यहां उन देशों की जायजा ले रहे हैं, जहां जनविद्रोह चल रहे हैं।
ट्यूनीशिया :
उत्तर अफ्रीकी देश ट्यूनीशिया में सबसे पहले जन आंदोलनों का दौर शुरू हुआ। दिसम्बर में मोहम्मद बौजीजी के आत्मदाह करने के साथ ही वहां लोगों में सरकार के खिलाफ गुस्सा भड़क उठा। यह क्रांति की एक चिनगारी थी।
समाचार पत्र 'क्रिस्चीयन साइंस मॉनिटर' के अनुसार खाद्य वस्तुओं की बढ़ती कीमतों, बेरोजगारी और अन्य समस्याओं के कारण प्रदर्शनकारी मध्य जनवरी तक धरना देते रहे।
कई दिनों तक चले विरोध प्रदर्शनों के दौर के बाद ट्यूनीशिया के राष्ट्रपति जैनुअल अबीदेन बेन अली देश छोड़कर चले गए। चुनाव होने तक वहां एक अस्थाई सरकार काम कर रही है।
यमन :
यमन के राष्ट्रपति अली अब्दुल्ल सलेह ने बुधवार को एक आपातकालीन बैठक के दौरान घोषणा की थी कि वर्ष 2013 में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में वह शामिल नहीं होंगे।
बीस वर्षो तक शासन करने वाले सलेह मिस्र में प्रदर्शनकारियों से प्रेरित होकर पिछले दो हफ्तों से लोगों के धरना-प्रदर्शन का सामना कर रहे हैं। यह देखना मजेदार होगा की राष्ट्रपति द्वारा दी गई रियायतों से लोग कहां तक प्रभावित होते हैं।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वह सुधार को लेकर किए गए वादों को लागू करना चाहते हैं।
जॉर्डन :
जार्डन में लोगों के विरोध प्रदर्शनों के कारण शाह अब्दुल्ला द्वितीय ने मंगलवार को अपने पूरे मंत्रिमंडल को भंग कर दिया और नई सरकार के गठन करने की घोषणा की थी।
अब्दुल्ला ने कहा कि सुधारों को लागू करने के लिए नई सरकार की जरूरत होगी। हालांकि जॉर्डनवासी पूरी तरह से राजनीतिक बदलाव के लिए जूझ रहे हैं।
सीरिया :
सीरिया में अभी प्रदर्शनकारी सड़कों पर नहीं आए हैं लेकिन 'फेसबुक' सरीखी सोशल नेटवर्किं ग वेबसाइट पर लोगों में सरकार विरोधी सुगबुगाहट शुरू हो गई है।
रिपोर्ट के अनुसार सीरियावासी आजादी और नागारिक अधिकारों को हासिल करना चाहते हैं। सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असाद का कहना है कि असंतुष्टों से उन्हें कोई भय नहीं है क्योंकि उनकी सरकार लोगों के सहयोग से चल रही है।
सुडान :
सुडान के राष्ट्रपति उमर अल बसीर को हाल ही में हुए जनमत संग्रह से गहरा झटका लगा है जिसमें अधिकतर लोगों ने उत्तरी सुडान से अलग होने की इच्छा जताई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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