मिस्र में तनाव, बड़े प्रदर्शन की तैयारी

राष्ट्रपति होस्नी मुबारक की इस घोषणा के बाद कि वे अपने पद से इस्तीफ़ा नहीं दे रहे हैं, मिस्र में तनाव बढ़ता जा रहा है.
तहरीर चौक, राष्ट्रपति निवास के अलावा काहिरा में अन्य जगह लोग एकत्रित हो रहे हैं.
हज़ारों लोग पहले से ही इस उम्मीद में जगह-जगह एकत्रित थे कि होस्नी मुबारक पद छोड़ने की घोषणा करेंगे लेकिन वे निराश हुए हैं और अब और अधिक लोग एकत्रित होने लगे हैं.
काहिरा के मुख्य केंद्र
इससे पहले भी शुक्रवार को लोगों की भारी भीड़ एकत्रित होती रही है लेकिन ख़बरें हैं कि इस बार तो अभी से ही वहाँ पहले की तुलना में बहुत अधिक लोग जमा हो चुके हैं.
बीबीसी संवाददाता जॉन लाइन का कहना है कि दो हफ़्ते पुराने इस प्रदर्शन का यह सबसे ख़तरनाक क्षण है.
तस्वीरें: जाओ मुबारक जाओ
इस बीच सरकारी समाचार एजेंसी मेना के अनुसार सेना के सर्वोच्च परिषद ने कहा है कि वह 'महत्वपूर्ण घोषणा' करने वाला है.
काहिरा में अब तक की सबसे भीड़ जमा होने के आसार दिख रहे हैं
प्रदर्शनकारियों ने शुक्रवार की नमाज़ के बाद कई जगह प्रदर्शन करने की योजना बनाई है.
आसार हैं कि सरकारी टेलीविज़न के मुख्यालय और राष्ट्रपति निवास प्रदर्शनकारियों का मुख्य निशाना होंगे.
संवाददाताओं का कहना है कि इससे प्रदर्शनकारियों और सेना के बीच सीधे संघर्ष की स्थिति बन सकती है.
ऐसे में सेना के जनरलों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी लेकिन सवाल यह है कि क्या सेना के जूनियर अधिकारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश का पालन करेंगे यदि उन्हें प्रदर्शनकारियों को तितरबितर करने के आदेश दिए जाते हैं.
दुनिया भर में संशय
इस बीच मिस्र के विपक्ष के नेता अल-बारादेई ने आशंका जताई है कि अब वहाँ स्थिति विस्फोटक हो सकती है.
उन्होंने अब हिंसा की आशंका जताई है.
होस्नी मुबारक से दुनिया भर के नेता अपील कर चुके हैं कि वे मिस्र के लोगों की बात सुनें
जब यह घोषणा हुई कि राष्ट्रपति मुबारक टेलीविज़न पर राष्ट्र के नाम संदेश देंगे तो यह माना जा रहा था कि वे पद छोड़ने की घोषणा करेंगे.
लेकिन अपने संबोधन में होस्नी मुबारक ने कहा कि वे सितंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से पहले वे पद नहीं छोड़ने वाले हैं. हालांकि उन्होंने कहा है कि वे अपने कुछ अधिकार उपराष्ट्रपति उमर सुलेमान को सौंपने जा रहे हैं.
हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि वे अपने कौन से अधिकार उपराष्ट्रपति को सौंपेंगे.
विश्लेषकों का कहना है कि होस्नी मुबारक की घोषणा से अनिश्चितता और भ्रम बढ़ गया है.
अमरीका सहित दुनिया भर के देशों के नेताओं ने पद छोड़ने से इनकार करने की होस्नी मुबारक की घोषणा पर कड़ी प्रतिक्रिया ज़ाहिर की है.
अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा, ''यह साफ़ नहीं है कि अधिकारों का हस्तांतरण तुरंत होगा या कुछ समय बाद, साथ ही यह भी देखना होगा कि यह कितना प्रभावी और संतोषजनक साबित होगा.''
उन्होंने कहा कि मिस्र की सरकार अब तक इस संकट का कोई विश्वसनीय, ठोस और लोकतांत्रिक हल सामने नहीं रख पाई है. सरकार के लिए ज़रूरी है कि वो विरोध के इन स्वरों को दबाने के लिए किसी भी रुप में निरंकुश न हो.












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