उत्तराखण्ड में अटल खाद्यान्न योजना' का शुभारम्भ
इस योजना को अमल में लाए जाने से उत्तराखण्ड देश का चौथा राज्य बन गया है जहां गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले लोगों के लिए सस्ती दरों पर खाद्यान्न की योजना लागू की गई है।
गडकरी ने कहा कि पं़ दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर अटल बिहारी वाजपेयी जैसे महान नेता के नाम पर गरीबों के लिए यह कल्याणकारी योजना को शुरू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पं़ उपाध्याय की अंत्योदय की अवधारणा में समाज के आखिरी व्यक्ति की सेवा करने का भाव है।
गडकरी ने कहा कि 21वीं सदी की राजनीति विकास की राजनीति है और उत्तराखण्ड ने 9.41 प्रतिशत विकास दर के साथ विकास की इस दौड़ में अपने आप को तेजी से स्थापित किया है।
मुख्यमंत्री निशंक ने कहा कि अटल खाद्यान्न योजना के रूप में राज्य सरकार ने संकल्प लिया है कि प्रदेश में कोई भी व्यक्ति भूखा नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) श्रेणी के लोगों को दो रुपये प्रति किलो गेहूं और तीन रुपये प्रति किलो चावल प्रदान कर उत्तराखण्ड सरकार ने सही मायने में अंत्योदय के सपने को साकार किया है।
उन्होंने कहा कि इसके साथ ही गरीबी रेखा से ऊपर के परिवारों को चार रुपये प्रति किलो गेहूं और छह रुपये प्रति किलो चावल मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल कालेजों की तर्ज पर सरकारी इंजीनियरिंग कालेजों में भी प्रतिभाशाली निर्धन विद्यार्थियों को नि:शुल्क इंजीनियरिंग की शिक्षा दी जाएगी।
इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चन्द्र खण्डूड़ी, पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी, देहरादून के महापौर विनोद चमोली, खाद्य मंत्री दिवाकर भट्ट, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विशन सिंह चुफाल, मुख्य सचिव सुभाष कुमार भी उपस्थित थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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