एयरो इंडिया में टूटे रिकॉर्ड, 1.75 लाख लोग पहुंचे
इस बार के शो का मुख्य आकर्षण भारत द्वारा 126 मीडियम मल्टी-रोल लड़ाकू विमान (एमएमआरसीए) की खरीदी के लिए मंगाई गई निविदाएं हैं। अधिकारियों ने बताया कि इसके लिए छह निविदाएं आई हैं और इस साल के सितम्बर तक ठेका उन्हीं में से किसी एक को दिया जाएगा।
'बीएई सिस्टम्स इंडिया' के गाई डगलस कहते हैं, "एमएमआरसीए मुख्य आकर्षण है, जिस तरह से ऑर्डर आए हैं, उन्हें देखते हुए लगता है कि अगले 2013 के एयरो इंडिया एयर शो में क्या होगा। मैं आश्चर्यचकित हूं।"
उन्होंने कहा कि इस बार के एयर शो में हिस्सा लेने वाले विमान निर्माताओं की संख्या बढ़ने व वायु सेना का इसमें हिस्सा लेना बताता है कि एयरो इंडिया में रुचि बढ़ रही है।
पांच दिवसीय एयर शो में पहले तीन दिनों में अच्छा व्यवसाय हुआ है। बुधवार को येलाहांका वायु सेना केंद्र में इसका उद्घाटन किया गया था लेकिन आम लोग शनिवार और रविवार को यहां भ्रमण कर सकेंगे।
यहां विभिन्न लड़ाकू विमानों और अन्य प्रकार के विमानों व हेलीकॉप्टरों की ताकत व कलाबाजियां देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग इकट्ठे हुए।
एयरो इंडिया में नागरिक उड्डयन का भी एक खंड है, जहां इस क्षेत्र के 54 प्रतिशत विमानों को प्रदर्शन के लिए रखा गया है।
रूस के सुखोई, ब्राजील के एम्ब्रेर और युक्रेन के एंटोनोव सहित इस बार यहां अन्य यात्री विमान निर्माताओं ने भी अपने विमानों का प्रदर्शन किया।
एयरो इंडिया में अमेरिका ने अपनी सबसे ज्यादा उपस्थिति दर्ज कराई है। यहां 63 अमेरिकी उड्डयन कम्पनियां आई हैं, जिनकी अगले दशक में 150 अरब डॉलर के होने जा रहे भारतीय उड्डयन बाजार पर नजर है।
'बोइंग डिफेंस स्पेस एंड सिक्युरिटी इंडिया' के उपाध्यक्ष विवेक लाल कहते हैं, "प्रत्येक एयर शो के आयोजन के साथ एयरो इंडिया महत्वपूर्ण होता जा रहा है। इस साल भी ऐसा ही हुआ। आयोजकों ने अच्छा काम किया है।"
एंटोनोव कम्पनी के विक्टर कोनारेव कहते हैं, "वैश्विक उड्डयन उद्योग के लिए भारत एक बहुत महत्वपूर्ण बाजार है और इसीलिए हम यहां आए हैं। यह शो बहुत अच्छा है।" यह कम्पनी भारतीय घरेलू उड़ान सेवाओं को अपने एनएन-148 विमान बेचना चाहती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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