मुबारक का पद छोड़ने से इंकार, अमेरिका ने बढ़ाया दबाव (लीड-3)
मुबारक ने गुरुवार रात जब सरकारी टेलीविजन पर स्पष्ट किया कि वह कुर्सी नहीं छोड़ रहे हैं, तो प्रदर्शनकारी उत्तेजित हो गए। उन्होंने मुबारक के खिलाफ नारे लगाए।
शुक्रवार को मिस्र में मुबारक के खिलाफ लगातार 18वें दिन प्रदर्शन जारी रहे।
समाचार चैनल 'अल जजीरा' के मुताबिक हजारों की संख्या में लोकतंत्र समर्थक काहिरा और मिस्र के अन्य शहरों में निकलने वाली रैली में हिस्सा ले सकते हैं।
शुक्रवार की रैली के आयोजन की योजना पहले से ही बनाई गई थी। यह रैली देशव्यापी विरोध प्रदर्शन में मारे गए लगभग 300 लोगों की स्मृति को समर्पित है। इस रैली को अब सबसे बड़े शक्ति प्रदर्शन के रूप में तब्दील होने की सम्भावना है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने मिस्र के सरकारी टेलीविजन के हवाले से कहा कि मिस्र के सशस्त्र बलों की सर्वोच्च परिषद ने भी रक्षा मंत्री हुसैन तंतावी की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की। परिषद एक महत्वपूर्ण बयान जारी करेगी।
मुबारक ने अपने भाषण में कहा कि वह सितम्बर में चुनाव के बाद शांतिपूर्ण सत्ता हस्तांतरण के लिए कदम उठा रहे हैं। उनके इस बयान से प्रदर्शनकारी भड़क उठे।
मुबारक ने कहा, "मैंने अगला चुनाव नहीं लड़ने की अपनी इच्छा पूरी स्पष्टता से व्यक्त की है।"
मुबारक ने कहा, "मैं बाहर से मिले आदेशों को स्वीकार नहीं करूंगा और न ही कर सकता हूं। इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि आदेश देने वाला कौन है।"
ज्ञात हो कि इस अनुमान के बीच गुरुवार की रात लोगों की भीड़ जमा होने लगी थी कि मुबारक पद छोड़ने की घोषणा करने जा रहे हैं। लेकिन जैसे ही 17 मिनट लम्बा उनका भाषण समाप्त हुआ, नाराज प्रदर्शनकारियों ने प्रदर्शन जारी रखने का संकल्प लिया।
मुबारक का भाषण समाप्त होने के साथ ही तहरीर चौक पर जमा प्रदर्शनकारियों ने मुबारक कुर्सी छोड़ो के नारे लगाए। कुछ प्रदर्शनकारियों ने सेना से हस्तक्षेप करने की मांग की।
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार प्रत्यक्षदर्शियों ने शुक्रवार को कहा कि गाजा पट्टी की सीमा से लगे मिस्र के सीमावर्ती शहर, राफा में पुलिस और अज्ञात बंदूकधारियों के बीच टकराव शुरू हो गया।
तहरीर चौक देश भर से आए हजारों प्रदर्शनकारियों के विरोध प्रदर्शन का केंद्र बना हुआ है, वहीं पिछले कुछ समय से हजारों प्रदर्शनकारी काहिरा के मध्य में स्थित राष्ट्रपति भवन के आस-पास भी पहुंच गए हैं।
एक प्रदर्शनकारी ने ट्विटर पर लिखा, "अवैध सरकार के खिलाफ प्रदर्शन का यह नया मोर्चा है। अब मुबारक ने इस्तीफा देने से इंकार कर दिया है तो उन्हें कीमत चुकानी पड़ेगी।"
चौराहे के करीब स्थित संसद भवन के आस-पास अवरोधक लगाकर प्रदर्शनकारियों ने विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया है।
मिस्र के प्रतिबंधित मुख्य विपक्षी दल मुस्लिम ब्रदरहुड के एक वरिष्ठ सदस्य ने कहा कि मुबारक लोगों की भावनाओं की उपेक्षा कर रहे हैं।
समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक प्रतिनिधि हेमी अल गजर ने कहा, "भाषण निराशाजनक और लोगों की इच्छा की उपेक्षा करने वाला था।"
वहीं राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक पर लोकतंत्र स्थापित करने के लिए दबाव बढ़ाते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा कि मुबारक परिवर्तन के सम्बंध में स्थिति स्पष्ट करें।
ओबामा ने कहा कि मुबारक मिस्र की जनता को इस बात के प्रति आश्वस्त नहीं कर पाए हैं कि शक्तियों का हस्तांतरण तुरंत, सार्थक और पर्याप्त होगा। उन्होंने कहा कि मिस्र की सरकार लोगों को देश में लोकतंत्र स्थापित करने की प्रक्रिया को स्पष्ट भाषा में बताए।
ओबामा ने अपने बयान में कहा, "मिस्र के लोगों को बताया गया है कि शक्तियों का हस्तांतरण होगा, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि यह हस्तांतरण तुरंत, सार्थक और पर्याप्त होगा या नहीं।"
ओबामा ने मुबारक से इस्तीफे की मांग नहीं की है, लेकिन वह मिस्र में आपातकालीन कानून हटाए जाने की मांग कर चुके हैं।
ओबामा ने कहा, "मिस्र सरकार लोकतंत्र स्थापित करने के लिए विश्वसनीय ठोस उपाय करे। उन्होंने अब तक इस अवसर का लाभ नहीं उठाया है।"
उन्होंने कहा, "तनाव की शुरुआत से ही हम कह रहे हैं कि मिस्र में समस्या का समाधान मिस्र के लोगों की इच्छा के अनुरूप हो, लेकिन अमेरिका ने यह स्पष्ट किया है कि हम मूल सिद्धांतों को लागू किए जाने के रुख पर अडिग हैं।"
मुबारक के भाषण के बाद संयुक्त राष्ट्र में मिस्र के राजदूत समेह सोक्री ने सीएनएन चैनल से कहा, "उपराष्ट्रपति वास्तविक राष्ट्रपति हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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