एस-बैंड सौदे की स्वतंत्र जांच हो : माकपा

माकपा ने आरोप लगाया कि सरकार, देवास मल्टीमीडिया और इसरो की व्यावसायिक शाखा, एंट्रिक्स के बीच हुए सौदे में बरती गई अनियमितता का मीडिया द्वारा किए गए खुलासे को दबाने की कोशिश कर रही है।

माकपा ने एक बयान में पूछा है कि आखिर मंत्रिमंडल ने दिसम्बर 2005 में सिर्फ निजी कम्पनी के लिए पहले उपग्रह की लांचिंग को मंजूरी कैसे दे दी?

माकपा ने पूछा है, "जब करार को अनुचित पाया गया और अंतरिक्ष आयोग इसे जुलाई 2010 में रद्द करना चाहता था तो इस समझौते को रद्द क्यों नहीं किया गया? ऐसा क्यों हुआ कि अतिरिक्त महाधिवक्ता ने जब सुझाव दिया कि समझौते को रद्द करना सरकार का निर्णय होगा, तो भी सरकार ने कार्रवाई क्यों नहीं की?"

बयान में कहा गया है कि समझौते की समीक्षा के लिए दो सदस्यीय समिति का प्रधानमंत्री द्वारा गठित किया जाना 'अति संदिग्ध है'।

बयान में सवाल किया गया है, "जब करार को पहले ही अनुचित पाया गया था और उसे रद्द करने की आवश्यकता थी, तो ऐसे में उसकी समीक्षा की क्या आवश्यकता आ पड़ी?"

मीडिया रपटों के अनुसार, देवास मल्टीमीडिया को दो उपग्रहों की लांचिंग के जरिए 70 मेगाहट्र्ज के उच्च गुणवत्ता वाले स्पेक्ट्रम हासिल होने वाले थे। देवास ने इस सौदे में किसी अनियमितता से इंकार किया है।

माकपा ने कहा है कि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक को इस करार का परीक्षण करने की अनुमति दी जानी चाहिए और स्पेक्ट्रम सौदे की जांच सर्वोच्च न्यायालय के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश से कराई जानी चाहिए।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+