मुबारक ने नहीं छोड़ी कुर्सी, प्रदर्शनकारी भड़के
काहिरा/वाशिंगटन। मिस्र के राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक के इस्तीफा देने से इंकार के बाद मिस्र में हजारों प्रदर्शनकारियों ने लोकतंत्र के समर्थन में बड़ी रैली आयोजित करने का संकल्प लिया है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने मिस्र की सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है।
गुरुवार रात को सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित मुबारक के भाषण के बाद प्रदर्शनकारी उत्तेजित हो गए, उन्होंने मुबारक के खिलाफ नारे लगाए। मुबारक ने इस भाषण में अपने पद से इस्तीफा देने से इंकार किया।
शुक्रवार को मिस्र में मुबारक के खिलाफ लगातार 18वें दिन भी प्रदर्शन जारी रहे।समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक मुबारक ने कहा कि उन्होंने सितम्बर में चुनाव के जरिए शांतिपूर्ण सत्ता हस्तांतरण के लिए प्रक्रिया शुरू की है।
उन्होंने कहा, "मैंने अगला चुनाव नहीं लड़ने की अपनी इच्छा पूरी स्पष्टता से व्यक्त की है।"मुबारक ने कहा, "मैं बाहर से मिले आदेशों को स्वीकार नहीं करूगा और न ही कर सकता हूं। इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि आदेश देने वाला कौन है।"
समाचार चैनल अल जजीरा के मुताबिक शुक्रवार को काहिरा सहित मिस्र के विभिन्न शहरों में बड़ी संख्या में लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर सकते हैं।
तहरीर चौक देश भर से आए हजारों प्रदर्शनकारियों के विरोध प्रदर्शन का केंद्र बना हुआ है वहीं पिछले कुछ समय से हजारों प्रदर्शनकारी काहिरा के मध्य में स्थित राष्ट्रपति भवन के आस-पास भी पहुंच गए हैं।एक प्रदर्शनकारी ने ट्विटर पर लिखा, "अवैध सरकार के खिलाफ प्रदर्शन का यह नया मोर्चा है। अब मुबारक ने इस्तीफा देने से इंकार कर दिया है तो उन्हें कीमत चुकानी पड़ेगी।"
चौराहे के करीब स्थित संसद भवन के आस-पास अवरोध लगाकर प्रदर्शनकारियों ने विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया है।मिस्र के प्रतिबंधित मुख्य विपक्षी दल मुस्लिम ब्रदरहुड के एक वरिष्ठ सदस्य ने कहा कि मुबारक ने लोगों की उपेक्षा की है और वह सत्ता में बने हुए हैं।
समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक प्रतिनिधि हेमी अल गजर ने कहा, "भाषण निराशाजनक और लोगों की इच्छा की उपेक्षा करने वाला था।"
वहीं राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक पर लोकतंत्र स्थापित करने के लिए दबाव बढ़ाते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा कि मुबारक परिवर्तन के सम्बंध में स्थिति स्पष्ट करें।
ओबामा ने कहा कि मुबारक मिस्र की जनता को इस बात के प्रति आश्वस्त नहीं कर पाए हैं कि शक्तियों का हस्तांतरण तुरंत, सार्थक और पर्याप्त होगा। उन्होंने कहा कि मिस्र की सरकार लोगों देश में लोकतंत्र स्थापित करने की प्रक्रिया को स्पष्ट भाषा में बताए।ओबामा ने अपने बयान में कहा, "मिस्र के लोगों को बताया गया है कि शक्तियों का हस्तांतरण होगा लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि यह हस्तांतरण तुरंत, सार्थक और पर्याप्त होगा या नहीं।"
ओबामा ने मुबारक से इस्तीफे से मांग नहीं की है लेकिन वह मिस्र में आपातकालीन कानून हटाए जाने की मांग कर चुके हैं।ओबामा ने कहा, "मिस्र सरकार लोकतंत्र स्थापित करने के लिए विश्वसनीय ठोस उपाय करे। उन्होंने अब तक इस अवसर का लाभ नहीं उठाया है।"
उन्होंने कहा, "तनाव की शुरुआत से ही हम कह रहे हैं कि मिस्र में समस्या का समाधान मिस्र के लोगों की इच्छा के अनुरूप हो लेकिन अमेरिका ने यह स्पष्ट किया है कि हम मूल सिद्धांतों को लागू किए जाने के रुख पर अडिग हैं।"वहीं मुबारक के भाषण के बाद संयुक्त राष्ट्र में मिस्र के राजदूत समेह सोक्री ने सीएनएन चैनल से कहा, "उपराष्ट्रपति वास्तविक राष्ट्रपति हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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