आतंकवाद सहित सभी मुद्दों पर वार्ता करेंगे भारत-पाक
नई दिल्ली। भूटान की राजधानी थिम्पू में भारत और पाकिस्तान आतंकवाद से लड़ने और कश्मीर सहित 'सभी मुद्दों पर' बातचीत करने के लिए सहमत हो गए। पाकिस्तानी विदेश मंत्री जुलाई में नई दिल्ली की यात्रा करेंगे। विदेश मंत्रालय की ओर से गुरुवार को एक बयान जारी कर यह घोषणा की गई। बयान में उन चार मुद्दों का भी जिक्र किया गया है जिस पर भारतीय विदेश सचिव निरूपमा राव और पाकिस्तानी विदेश सचिव सलमान बशीर के बीच थिम्पू में हुई वार्ता में सहमति बनी।
विज्ञप्ति में बताया गया कि दोनों पक्ष "थिम्पू में अप्रैल 2010 में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी के बीच हुई बैठक में जताई गई इच्छा के अनुरूप दोनों देश सभी मुद्दों पर बातचीत करने के लिए सहमत हुए हैं।"विज्ञप्ति के मुताबिक पाकिस्तान के विदेश मंत्री 'बातचीत प्रक्रिया की समीक्षा अपने भारतीय समकक्ष के साथ करने के लिए' जुलाई में भारत की यात्रा करेंगे।
उनकी यात्रा से पहले दोनों देशों के बीच आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई और गत 26 नवंबर 2008 को मुम्बई पर आतंकी हमलों के साजिशकर्ताओं पर कार्रवाई को लेकर सचिव स्तर पर कई दौर की वार्ता होगी।इस दौरान दोनों देशों के विदेश सचिव भी बैठक करेंगे।
इनके अलावा दोनों देश मानवीय मुद्दों, शांति एवं सुरक्षा, विश्वास बहाली के उपायों, जम्मू एवं कश्मीर, दोस्ताना रिश्तों को बढ़ाना, सियाचिन, आर्थिक मुद्दे, वूलर बैराज और तुलबुल परियोजना पर वार्ता करेंगे।इनके मुद्दों के अलावा दोनों देशों के बीच सर्वेयर जनरल अथवा अतिरिक्त सचिवों के स्तर पर विवादित सरक्रीक मुद्दे पर भी वार्ता होगी।
विज्ञप्ति के अनुसार, "राजनयिक माध्यमों के जरिए इन बैठकों की तिथि निर्धारित की जाएगी।"विदेश सचिव राव ने एक भारतीय चैनल से कहा, "वार्ता अवश्य जारी रहनी चाहिए। हम मुश्किल से एक दूसरे को पीठ दिखा सकते हैं। इससे विश्वास बहाली जुड़ी है।"
ज्ञात हो कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी के बीच गत वर्ष अप्रैल में दक्षिण एशियाई देशों के सहयोग संगठन दक्षेस (सार्क) की बैठक के इतर मिले थे।वर्ष 2008 में मुम्बई पर आतंकवादी हमले के बाद से दोनों देशों के बीच आई रिश्तों में खटास के कारण समग्र वार्ता स्थगित है।












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