इस वेलेंटाइन डे पर ई-मेल नहीं पत्र लिखें
नई दिल्ली, 10 फरवरी (आईएएनएस)। ई-मेल के इस युग में हस्तलिखित पत्र तो कहीं खो ही गए हैं, अब तो लोगों को खत लिखे हुए कई-कई साल तक बीत जाते हैं। ऐसे में यदि आप इस वेलेंटाइन डे पर कुछ अलग करने की ख्वाहिश रखते हैं तो अपनी भावनाओं को प्रेषित करने के लिए कागज और कलम का इस्तेमाल करें।
दिल्ली के विवाह विशेषज्ञ कमल खुराना कहते हैं कि ई-मेल या एसएमएस आपकी भावनाओं को उतनी गहराई से कभी भी व्यक्त नहीं कर सकेंगे जितनी गहराई से उन्हें पत्र में अभिव्यक्त किया जा सकता है। गौरतलब है कि 14 फरवरी को दुनियाभर में वेलेंटाइन डे मनाया जाएगा।
'पर्पल एले' परामर्श केंद्र से सम्बद्ध खुराना ने आईएएनएस से कहा, "हस्तलिखित पत्र हमेशा व्यक्तिगत सम्पर्क का एहसास देता है। हस्तलेखन में व्यक्ति आपकी भावनाओं को पकड़ सकता है। पत्र को कई बार पढ़ा जा सकता है और यदि आप इसमें कोई खुशबू डाल दें या इसमें सूखा गुलाब का फूल रख दें तो यह सुगंध उसे और भी खास बना देती है।"
एक पत्र को पहुंचने में समय लगता है और खुराना मानते हैं कि इससे उत्सुकता बनी रहती है। उनका कहना है कि लोग बेसब्री से खत का इंतजार करते हैं और मिलने पर उसे तन्मयता से पढ़ते हैं जबिक ई-मेल में यह बात नहीं होती।
एमएसएन इंडिया द्वारा हॉटमेल पर किए गए एक सर्वेक्षण में खुलासा हुआ है कि इस आधुनिक युग में लगभग 54 प्रतिशत भारतीय रिश्ते में रोमांस को बरकरार रखने के लिए ई-मेल्स पर भरोसा करते हैं लेकिन केवल 30 प्रतिशत लोग ही ई-मेल के जरिए पहली बार अपने प्यार का इजहार करते हैं।
कुछ लोग अब भी अपनी भावनाओं के इजहार के लिए ऑनलाइन संदेशों की बजाए खत लिखने पर ज्यादा भरोसा करते हैं। आज भी कुछ युवा प्यार के इजहार के मामले में ऑनलाइन माध्यम को उबाऊ मानते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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