क्वात्रोच्चि के खिलाफ मामले वापस लेने पर फैसला 21 फरवरी को
मुख्य महानगर दंडाधिकारी (सीएमएम) विनोद यादव ने सीबीआई की दलीलें सुनने के बाद फैसला 21 फरवरी तक के लिए सुरक्षित रख लिया।
तीस हजारी न्यायालय परिसर स्थित अदालत ने छह जनवरी को सीबीआई की इस दलील का अनुमोदन किया था कि क्वात्रोच्चि को दिए गए कर सम्बंधी नोटिस का बोफोर्स रिश्वत मामले से कोई ताल्लुक नहीं है।
अदालत क्वात्रोच्चि के खिलाफ सभी आपराधिक मामले वापस लेने सम्बंधी सीबीआई के आवेदन के विरोध में अधिवक्ता अजय अग्रवाल द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी।
सीबीआई ने सबूतों के अभाव में क्वात्रोच्चि के खिलाफ मामले वापस लिए जाने की मांग की थी। कर न्यायाधिकरण ने हालांकि दिसम्बर, 2002 में कहा था कि 1987 के 15 अरब के तोप सौदे में अवैध रूप से कमीशन का भुगतान किया गया है।
आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (आईटीएटी) ने 31 दिसम्बर को कहा था कि क्वात्रोच्चि और उनके सहयोगी विन चड्ढा (जिनकी अब मौत हो चुकी है) ने 1987 के 15 अरब के इस होवित्जर तोप सौदे में 41.2 करोड़ रुपये का कमीशन लिया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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