काहिरा में 17वें दिन भी जारी रहा प्रदर्शन
संसद की इमारत से कुछ ही दूर यह प्रदर्शनकारी शिविर लगाकर रातें बिता रहे हैं। प्रदर्शनकारी सरकार द्वारा हाल ही में किए गए सुधार के वादों से संतुष्ट नहीं हैं।
बुधवार को न्यायिक समिति संविधान के छह अनुच्छेदों में संशोधन की मांग पर सहमत हुई थी, इसमें राष्ट्रपति के कार्यकाल की संख्या सीमित करने की मांग भी शामिल है।
देश में हालात सामान्य बनाने की कोशिशों के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने उपराष्ट्रपति की उस चेतावनी को दरकिनार किया है जिसमें उन्होंने कहा है कि यदि विपक्षी दलों से वार्ता असफल होती है तो तख्तापलट होने का खतरा है।
विपक्षी पार्टी 'मुस्लिम ब्रदरहुड' ने हाल ही में कहा था कि सरकार के साथ बातचीत अनिर्णित रही है और इसे स्थगित रखा गया है।
संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक 25 जनवरी के बाद से चल रहे विरोध प्रदर्शनों में देश में अब तक 300 लोगों की मौत की खबरें हैं।
बुधवार को करीब 3,000 रेलवे कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। प्रदर्शनकारियों ने काहिरा में शुक्रवार को एक फिर दस लाख लोगों का जुलूस निकालने की घोषणा की है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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