लम्बे समय तक धूम्रपान से याददाश्त कम होने का खतरा
विचार करने की शक्ति, याददाश्त और सूचना सम्बंधी प्रक्रियाएं जैसे संज्ञानात्मक कार्यो के चलते हम नई चीजें सीखते हैं और हमसे जो कुछ कहा जाता है उसे समझ पाते हैं।
जर्नल 'न्यूरोइमेज' के मुताबिक वेस्टर्न आस्ट्रेलिया विश्वविद्यालय के शोध निदेशक ओस्वाल्डो अल्मीडा ने अपने अध्ययन में पाया है कि लम्बे समय से धूम्रपान कर रहे वाले लोगों के मस्तिष्क के कुछ हिस्सों का 'ग्रे मैटर' क्षतिग्रस्त हो जाता है।
लम्बे समय तक धूम्रपान करते रहे जिन लोगों ने अध्ययन के दौरान धूम्रपान नहीं किया, उनमें धूमप्रान न छोड़ने वालों की तुलना में कम मस्तिष्क कोशिकाएं क्षतिग्रस्त हुईं और उन्होंने बेहतर बौद्धिक कार्य किए।
अल्मीडा ने कहा, "दो साल की अवधि के दौरान जिन लोगों ने धूम्रपान नहीं किया, उनकी याददाश्त में उतनी ही कमी हुई जितनी कि कभी भी धूम्रपान न करने वालों की याददाश्त में हुई।" अध्ययन में 68 वर्ष और इससे अधिक आयु के 332 प्रतिभागियों को शामिल किया गया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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