मिस्र सरकार आपातकालीन कानून हटाए, सुधार प्रक्रिया तेज करे : अमेरिका
वाशिंगटन। अमेरिका ने मिस्र में सत्ता हस्तांतरण के लिए वार्ता की धीमी गति के लिए मिस्र सरकार की आलोचना करते हुए आपातकालीन कानून तत्काल हटाने को कहा है।
वेबसाइट 'डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डॉट बीबीसी डॉट को डॉट यूके' के मुताबिक अमेरिकी उपराष्ट्रपति जो बिडेन ने मिस्र के उपराष्ट्रपति उमर सुलेमान से फोन पर बातचीत में कहा कि मिस्र सरकार पिछले 30 साल से लागू आपातकालीन कानूनों को फौरन हटाए और पत्रकारों और नागरिक संगठनों के कार्यकर्ताओं को पीटना और गिरफ्तार करना बंद करे।
काहिरा में मंगलवार को प्रदर्शनकारियों ने 25 जनवरी से जारी प्रदर्शनों के दौरान अब तक की सबसे बड़ी रैली की। यह रैली सरकार द्वारा सत्ता के शांतिपूर्ण हस्तांतरण करने की घोषणा के बावजूद निकाली गई।मिस्र में पिछले 30 साल से सत्तारूढ़ राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक ने अगस्त में उनका कार्यकाल खत्म होने से पहले इस्तीफा देने से इंकार किया है।
बिडेन ने कहा कि मिस्र की सरकार सत्ता परिवर्तन के लिए तत्काल और स्थाई कार्रवाई करे।व्हाइट हाउस से जारी एक बयान में सुलेमान के उस बयान को बेकार बताया गया है जिसमें उन्होंने कहा था कि मिस्र लोकतंत्र के लिए तैयार नहीं है।
व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव राबर्ट गिब्स ने मंगलवार को पत्रकारों से कहा, "उपराष्ट्रपति सुलेमान ने कुछ अनुपयोगी बयान दिए हैं जैसे कि उन्होंने कहा है कि मिस्र लोकतंत्र के लिए तैयार नहीं है।"
उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता कि बेहतर अवसरों और स्वतंत्रता के लिए किसी समयबद्ध कार्ययोजना पर विचार किया जा रहा है।"
गिब्स ने सुलेमान के एक और बयान की आलोचना की है जिसमें उन्होंने कहा था कि मिस्र में सरकार विरोधी प्रदर्शनों में मुस्लिम कट्टरपंथियों सहित विदेशी तत्वों का हाथ है या वह प्रदर्शनकारियों को प्रेरित कर रहे हैं।
गिब्स ने कहा, "मुझे लगता है कि यह महज बयानबाजी है कि हम टीवी पर जिन प्रदर्शनों को देख रहे हैं वे कुछ विदेशियों ने प्रायोजित किए है।"
उन्होंने कहा, "सरकार प्रदर्शनकारियों, पत्रकारों और नागरिक समूहों से जुड़े कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित करना और हिरासत में रखना बंद करे।"












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