बांग्लादेश की सीमा पर घुसपैठियों पर गोली नहीं
विदेश मंत्री एस.एम.कृष्णा ने यह आश्वासन बांग्लादेश की विदेश मंत्री दीपू मोनी को भूटान की राजधानी थिम्पू में आयोजित दक्षेस (दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन) के विदेश मंत्रियों की दो दिवसीय बैठक के दौरान हुई मुलाकात में दिया।
सरकारी समाचार एजेंसी बांग्लादेश संगबाद संगस्था (बीएसएस) के अनुसार कृष्णा ने मोनी से कहा कि "इस मुद्दे से निपटने के लिए पर्याप्त कदम उठाए जा रहे हैं।"
पिछले महीने ढाका में गृह सचिव स्तर की बातचीत में भारत ने सात जनवरी की घटना पर खेद प्रकट किया था, जिसमें फलानी नाम की किशोरी की मौत हो गई थी। वह अपने परिवार के साथ सीमा पार कर रही थी और बीएसएफ ने गोलीबारी की थी।
यह परिवार दिल्ली से लौट रहा था। यह घटना पूर्वोत्तर बांग्लादेश के कुड़ीग्राम के पास सीमा पर घटी थी।
समाचार पत्र 'न्यू एज' ने बुधवार को कहा है कि कुड़ीग्राम जिले में फलानी के गांव में इस घटना को लेकर तनाव व्याप्त है, क्योंकि सत्ताधारी अवामी लीग की स्थानीय इकाई ने फलानी की हत्या के विरोध में उसी स्थान पर रैली आयोजित करने की घोषणा की है, जिस स्थान पर विपक्षी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) रैली आयोजित करने वाली है।
मीडिया रपट में कहा गया है, "स्थानीय प्रशासन ने बुधवार को फलानी के घर के आसपास लोगों के जमा होने पर प्रतिबंध लगा दिया है।"
बांग्लादेश की मानवाधिकार संस्था 'ओधिकार' ने दावा किया है कि 2001 से लेकर अब तक बीएसएफ की गोलीबारी में 1,000 से अधिक लोगों की मौत हुई है।
लेकिन बीएसएफ का कहना है कि उसके जवान आत्मरक्षार्थ गोली चलाते हैं क्योंकि घुसपैठियों में मानव, पशु, हथियार व नशीली दवाओं की तस्करी से जुड़े हथियारबंद तस्कर भी शामिल होते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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