पटना में आत्महत्या की घटनाओं में वृद्धि
पटना के कंकड़बाग थाना क्षेत्र में पिंकी नाम की 17 वर्षीय युवती ने मंगलवार को आत्महत्या कर ली। पुलिस के अनुसार उसके पास से जो सुसाइड नोट बरामद हुआ उसके अनुसार वह अपने माता-पिता के झगड़े से आहत थी। इसी तरह बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र में दिग्विजय उर्फ अपुल नाम के युवक ने शुक्रवार को आत्महत्या कर ली थी। पुलिस के अनुसार अपुल मैट्रिक में लगातार तीन बार फेल हो गया था जिस कारण इन दिनों वह तनाव में रहता था।
इसके पूर्व दो फरवरी को राजीव नगर थाना क्षेत्र में किरण चौधरी ने विवाह के पांच वर्ष बीत जाने के बाद भी संतान नहीं होने के कारण तनाव में आकर जहरीला पदार्थ खाकर अपना जीवन समाप्त कर लिया था। इसी तरह गत 28 जनवरी को एस़ के. पुरी थाना क्षेत्र की प्रिया ने भी आत्महत्या कर ली थी।
शास्त्रीनगर थाना क्षेत्र में 27 जनवरी को अश्विनी कुमार नामक इंजीनियरिंग छात्र ने गले में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस के अनुसार अश्विनी पुणे के एक इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ाई कर रहा था। अश्विनी के आत्महत्या के कारणों का अब तक पता नहीं चल पाया है।
इससे पहले 26 जनवरी को जहां सभी लोग गणतंत्र दिवस मनाने में मशगूल थे वहीं सुल्तानगंज थाना के माता कुटी लेन में एक मेडिकल कॉलेज छात्र सन्नी ने गले में फंदा डालकर आत्महत्या कर ली। वैसे परिजनों ने इसे रैगिंग के कारण आत्महत्या करना बताया था।
पटना विश्वद्यालय की प्रोफेसर नंदिनी मेहता कहती हैं कि अभिभावकों की अपेक्षाएं बढ़ गई हैं, इस कारण बच्चों के दिमाग में हर समय दबाव रहता है। बच्चों की थोड़ी सी असफलता और उन्हें मिलते उलाहनों के कारण वे ऐसा करने को मजबूर हो जाते हैं। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था पर भी प्रश्नचिह्न् खड़ा करते हुए कहा कि छात्रों के पास विकल्प कम हैं।
बच्चों में बढ़ती आत्महत्या की प्रवृति पर मनोवैज्ञानिक डा़ वृंदा सिंह कहती हैं कि घर और समाज में बढ़ते तनाव का यह नतीजा है। उन्होंने कहा कि इससे बच्चों को बचाने के लिए उनके मन को धीरे-धीरे टटोलने की जरूरत है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
मदद बस एक कॉल दूर
पहचान पूर्णतः गोपनीय , पेशेवर परामर्श सेवा
iCALL मेंटल हेल्पलाइन नंबर: 9152987821
सोम - शनि: सुबह 10 बजे - शाम 8 बजे












Click it and Unblock the Notifications