बिना पायलट के उड़ेगा पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान
इस विमान में दुश्मन के राडार की पकड़ में आए बगैर हजारों मील दूर स्थित निशाने को भेदने की क्षमता होगी। इसके सफल परीक्षण के बाद उन मानवरहित ड्रोन विमानों के अवसान का समय आ जाएगा, जिनका संचालन जमीन पर बैठा पायलट करता है।
ब्रिटेन के समाचार पत्र 'डेली मेल' में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक एक्स-47बी पहले से तैयार खाके और रास्ते के आधार पर अपने अभियान पर निकल सकता है।
इसके संचालन के लिए किसी भी स्तर पर मानव के मदद की जरूरत नहीं पड़ती। उड़ान भरने से लेकर नियंत्रण और यहां तक कि हवा में ईंधन लेने का काम यह अपने आप कर लेगा।
इसे पहला ऐसा ड्रोन विमान कहा जा रहा है, जो समुद्र में तैर रहे विमानवाहक पोतों पर से उड़ान भर सकेगा और उसी पर आसानी से उतर भी सकेगा।
अमेरिकी नौ सेना ने इस विमान के निर्माण का काम रक्षा अभियांत्रिकी कम्पनी-नार्थरोप ग्रम्मन को दिया है। यह कम्पनी अगस्त 2007 में अपना काम शुरू कर चुकी है और आशा है कि 2013 में इस विमान का ड्रोन के रूप में परीक्षण शुरू हो जाएगा।
एक्स-47बी अमेरिकी वायुसेना और नौ सेना की रीढ़ कहे जाने वाले बी-2 स्टील्थ युद्धक विमान से आकार में थोड़ा छोटा होगा। इस पर लेजर से संचालित बम लगे होंगे। यह विमान 40,000 फुट की ऊंचाई पर भी 500 मील प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ने में सक्षम होगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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