कुमाराजीवा पर अंतर्राष्ट्रीय गोष्ठी, प्रदर्शनी शुरू
नई दिल्ली, 4 फरवरी (आईएएनएस)। भारत-चीन सांस्कृतिक सम्बंधों के विकास में कुमाराजीवा के योगदान के मूल्यांकन और उसके समीक्षात्मक अध्ययन और अन्य संबंधित विषयों पर विचार-विमर्श के उद्देश्य से केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र की ओर से तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय गोष्ठी तथा प्रदर्शनी गुरुवार को शुरू हो गई।
गोष्ठी के उद्घाटन सत्र में बेल्जियम की रॉयल एकेडमी ऑफ साइंसेज के सदस्य प्रोफेसर चार्लिस विलमेन ने मुख्य भाषण दिया। इसके अलावा कुमाराजीवा के जीवन और उनकी परम्पराओं पर विचार-विमर्श के उद्देश्य से विश्व के कई देशों के विशिष्ट विद्वान इस आयोजन में भाग ले रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि कुमाराजीवा के कार्यो का प्रभाव आज भी पूर्वी एशिया के लोगों में देखा जा रहा है। इस अवसर पर आयोजित प्रदर्शनी में कुमाराजीवा के जीवन और उनकी परम्पराओं, उनके जन्म स्थान, उनके चिंतन और अंतत: चीन में उनके मृत्यु-स्थल के उल्लेख के साथ दर्शाया गया है।
इस प्रदर्शनी में प्रदर्शित विश्व के अनेक संग्रहालयों, मठों और गुफाओं से प्राप्त दुर्लभ मसौदे, पेंटिंग और मूर्तियां न केवल देखने वालों को आनंदित करती हैं, बल्कि आध्यात्मिक मूल्यों की खोज करने वाले लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत कही जा सकती हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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