सरकार सैन्य प्रशिक्षण केंद्र बंद करें : नक्सली
प्रतिबंधित नक्सली संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की ओर से बस्तर क्षेत्र में सरकार के सामने रखी गई 11 मांगों की सूची की एक मांग यह भी है। नक्सलियों ने 25 जनवरी से पांच पुलिसकर्मियों को अपने कब्जे में रखा हुआ है।
पुलिस मुख्यालय के सूत्रों ने बताया कि नक्सली अबूझमद वन क्षेत्र के 4,000 वर्ग किलोमीटर इलाके में सेना की केंद्रीय कमान की सैन्य प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की योजना का कड़ा विरोध कर रहे हैं। साथ ही नक्सलियों से सम्बंध होने के आरोप में राज्य पुलिस की हिरासत में रखे गए पांच लोगों को रिहा करने की भी मांग की गई है।
उन्होंने सरकार से नक्सल विरोधी अभियान बंद करने, स्कूल की इमारतों से सुरक्षा बलों को हटाने और खनिज सम्पदा से भरपूर बस्तर क्षेत्र में उद्योग स्थापित करने के लिए व्यावसायिक घरानों से किए गए समझौतों को खत्म करने को कहा है। ये उद्योग नारायणपुर, कांकेर, बस्तर, बीजापुर और दंतेवाड़ा जिलों में स्थापित किए जाने हैं।
'दंडकारण्य डिवीजनल कमेटी ईस्ट' के नेता नीति ने मांगों की यह सूची भेजी है। उन्होंने यह भी कहा है कि बंधक पुलिसकर्मी सुरक्षित हैं।
गौरतलब है कि नारायणपुर जिले में हथियारबंद नक्सलियों ने 25 जनवरी को एक बस पर धावा बोलकर छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (सीएएफ) के पांच कर्मियों तथा एक नागरिक को अगवा कर लिया। नक्सलियों ने सोमवार को नागरिक को मुक्त कर दिया लेकिन पुलिसकर्मियों को अपने कब्जे से नहीं छोड़ा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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