गोगोई ने भ्रष्टाचार स्वीकार किया
गोगोई ने पत्रकारों से कहा, "मैं नहीं कहता कि हमारी सरकार के दौरान कोई भ्रष्टाचार नहीं हुआ। जी हां, भ्रष्टाचार हुआ, लेकिन अगप के दो कार्यकाल भी भ्रष्टचार से मुक्त नहीं थे।"
गोगोई ने कहा, "यदि अगप के कार्यकाल में कोई भ्रष्टचार नहीं हुआ था, तो केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रफुल्ल कुमार महंत को आरोपित क्यों किया और उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए राज्यपाल से अनुमति क्यों मांगी।"
गोगोई अगप की उस मांग पर प्रतिक्रिया जाहिर कर रहे थे, जिसमें उसने उत्तर कछार हिल्स जिले में हुए लाखों रुपये के एक घोटाले में कथित रूप से लिप्त भ्रष्ट मंत्रियों को हटाने की मांग की है। सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है।
अगप ने अपनी इस मांग को लेकर विधानसभा की कार्यवाही लगातार दूसरे दिन नहीं चलने दी। इसके कारण विधानसभा अध्यक्ष को सदन की कार्यवाही बुधवार को दिन भर के लिए स्थगित कर देनी पड़ी।
गोगोई ने कहा, "हम भ्रष्टाचार या अन्य मुद्दों पर चर्चा का स्वागत करते हैं, लेकिन अगप फिर कार्यवाही अवरुद्ध करने की कोशिश क्यों कर रहा है? अगप पिछले नौ साल से सो रही थी और अब जब चुनाव करीब है, तो उसे भ्रष्टचार का मुद्दा सूझा है।"
मुख्यमंत्री ने कहा, "यह चुनावी नाटक के अलावा कुछ नहीं है। अगप मीडिया में प्रचार पाने के लिए इन मुद्दों को उठाना चाहती है।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से शामिल किसी भी मंत्री या कांग्रेसी नेता को आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं दिया जाएगा।
गोगोई ने कहा, "हमारा रुख बहुत स्पष्ट है और हम भ्रष्टाचार के आरोपी किसी भी व्यक्ति को टिकट नहीं देंगे। हम चाहेंगे कि अगप भी इसी तरह का रुख अपनाए।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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