रॉकेट नाकामी : रूसी आंकड़ों की प्रतीक्षा में इसरो
चेन्नई, 28 जनवरी (आईएएनएस)। रॉकेट जीएसएलवी की असफलता पर अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप देने के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) रूस से आने वाले आंकड़ों के विश्लेषण की प्रतीक्षा कर रहा है। रॉकेट में लगे क्रायोजेनिक इंजन की आपूर्ति रूस ने की थी।
जियोसिंक्रोनस सेटेलाइट लांच वेहिकल (जीएसएलवी) को पिछले वर्ष 25 दिसम्बर को अंतरिक्ष में प्रक्षेपित किया गया लेकिन प्रक्षेपण के कुछ ही क्षणों बाद रॉकेट के टुकड़े हो गए। इस असफलता के अध्ययन के लिए 11 सदस्यों वाली एक विशेषज्ञ समिति गठित की गई।
इसरो के पूर्व अध्यक्ष और समिति का नेतृत्व करने वाले जी. माधवन नायर ने आईएएनएस को बताया, "हम क्रायोजेनिक इंजन की आपूर्ति करने वाले रूस से मिलने वाले कुछ आंकड़ों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उम्मीद है कि रूस इस महीने के अंत तक आंकड़े उपलब्ध कराएगा।"
उन्होंने कहा, "हमने विफलता विश्लेषण समिति (एफएसी) की दूसरी बैठक तिरूवनंतपुरम में सात फरवरी को निर्धारित की है। इस बैठक में उम्मीद है कि हम जीएसएलवी की नाकामी के कारण के निष्कर्ष पर पहुंच जाएंगे।"
ज्ञात हो कि 175 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 418 टन भार वाले जीएसएलवी रॉकेट को अत्याधुनिक संचार उपग्रह जीएसएटी 5पी को अंतरिक्ष कक्ष में स्थापित करने के लिए श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र से प्रक्षेपित किया गया, लेकिन यह एक मिनट के भीतर अपने मार्ग से भटक गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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