दलाई लामा उच्च प्रौद्योगिकी के सहारे चीनियों से कर रहे हैं बात
धर्मशाला, 28 जनवरी (आईएएनएस)। दलाई लामा चीनी सरकार के अवरोधों को पार कर साधारण चीनी नागरिकों तक पहुंचने के लिए वीडियोकांफ्रेंसिंग और ट्विटर जैसे प्रौद्योगिकी माध्यमों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
इस महीने के शुरू में दलाई लामा ने पहली बार चीन के एक मानवाधिकार कार्यकर्ता से वीडियोकांफ्रेंसिंग के जरिए बात की। उन्होंने कहा कि चीनी सरकार से बात करने के लिए उनके द्वारा अपनाए जा रहे अहिंसा आधारित मध्यम मार्ग का भले ही कोई उल्लेखनीय परिणाम नहीं निकला है, लेकिन इसने चीनियों का समर्थन हासिल करने में उन्हें मदद मिली है।
दलाई लामा ने धर्मशाला स्थित अपने आवास से चीनी मानवाधिकार कार्यकर्ताओं तेंग बियाओ और जियांग तियानयोंग से बात की। उल्लेखनीय है कि दलाई लामा धर्मशाला से तिब्बतियों की निर्वासित सरकार चलाते हैं।
तिब्बतियों की निर्वासित सरकार के प्रवक्ता थुब्तेन सम्फेल ने आईएएनएस से कहा कि दलाई लामा ने पहली बार चीनियों से वीडियोकांफ्रेंसिंग के सहारे बात की है।
इससे पहले उन्होंने अपने चीनी प्रशंसकों को माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर के सहारे संदेश भेजा था।
दलाई लामा की इस बातचीत की व्यवस्था करने वाले प्रतिष्ठित चीनी लेखक वांग लिक्सोंग ने कहा कि यदि इस तरह की बातचीत चीन-तिब्बत सम्बंधों और एक दूसरे को समझने के लिए सकारात्मक रही तो भविष्य में अधिक से अधिक चीनी विद्वान और बुद्धिजीवी इस तरह की गतिविधि में हिस्सा लेंगे।
इस बातचीत में दलाई लामा ने तिब्बतियों के निर्वासित सरकार से सम्बंधित कई मुद्दों पर बात की।
दलाई लामा ने 50 साल पहले तिब्बत छोड़ कर भारत में शरण ली थी और धर्मशाला में तिब्बतियों की निर्वासित सरकार स्थापित की थी।
अगले दलाई लामा के चुनाव के बारे में उन्होंने कहा कि 2001 में निर्वासित तिब्बतियों के राजनीति नेतृत्व का चुनाव करने के साथ ही 400 साल पुरानी दलाई लामा की परम्परा का अंत हो चुका है। भविष्य में तत्कालीन परिस्थितियों को देखते हुए ही कोई फैसला लिया जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
**












Click it and Unblock the Notifications