तिरंगा: जम्मू से बैरंग पंजाब लौटाए गए भाजपा नेता

भाजपा का युवा मोर्चा कोलकाता से श्रीनगर तक राष्ट्रीय एकता यात्रा का आयोजन कर रहा है. भाजपा के अनुसार ये यात्रा गणतंत्र दिवस के दिन श्रीनगर के लाल चौक में झंडा फहरा कर राष्ट्रीय एकता और संप्रभुता स्थापित करेगी. केंद्र और राज्य सरकार भाजपा के श्रीनगर के लाल चौक पर झंडा फहराने के कार्यक्रम से सहमत नहीं हैं.
जेटली, स्वराज और अनंत कुमार को जम्मू-कश्मीर सरकार के अलग-अलग वाहनों में जम्मू से माधोपुर लाया गया. माधोपुर में रावी नदी पर बने पुल पर पंजाब के उद्योग मंत्री मनोरंजन कालिया, यातायात मंत्री मोहन लाल, लोकसभा सदस्य नवजोत सिंह सिद्धु और पंजाब भाजपा अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने तीनों नेताओं का स्वागत किया.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार भाजपा नेता मंगलवार को पठानकोट में एक रैली को संबोधित करेंगे जिसके बाद भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर के नेतृत्व में एकता यात्रा जम्मू-कश्मीर के लखनपुर का रुख़ करेगी. भाजपा नेता सुषमा स्वराज ने ट्विटर पर अपने संदेश में कहा, "हम सत्याग्रह के लिए नहीं आए हैं. हम तिरंगा यात्रा के लिए आए हैं. जो भी हो, हम दोबारा जम्मू-कश्मीर में प्रवेश करेंगे." भाजपा गणतंत्र दिवस के दिन श्रीनगर के लाल चौक में तिरंगा फहराना चाहती है.
अपने शीर्ष नेताओं को जम्मू में प्रवेश ना करने देने के विरोध में पूर्व पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह समेत कई भारतीय जनता पार्टी नेता दिल्ली स्थित राजघाट पर धरने पर बैठे हुए हैं. उधर पंजाब के शहर माधोपुर और जम्मू-कश्मीर के शहर लखनपुर को जोड़ने वाले पुल पर कड़े सुरक्षा बंदोबस्त किए गए हैं. क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी गई है.
इससे पहले सोमवार को भाजपा प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने आरोप लगाया था कि भाजपा नेताओं को जम्मू में घुसने न देने का फ़ैसला केंद्र सरकार के इशारे पर किया गया. भाजपा प्रवक्ता का कहना था कि भाजपा का मक़सद 26 जनवरी को लाल चौक पर तिरंगा फहराकर अलगाववादियों को ये संदेश देना है कि जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है.












Click it and Unblock the Notifications