पूर्वोत्तर करेगा गणतंत्र दिवस का बहिष्कार, एलर्ट जारी

गुवाहाटी। पिछले साल की तरह इस साल भी पूर्वोत्तर में गणतंत्र दिवस का बहिष्कार जारी है। देश के ऐसे हिस्से जो साल भर और सच कहा जाए तो बरसों से देश के अंदर ही अपनी पहचान पाने के लिए तरस रहे हैं, वहां गणतंत्र दिवस इस बार फिर नहीं मनेगा। पूर्वोत्तर में अलगाववादियों ने इस साल भी गणतंत्र दिवस के बहिष्कार की घोषणा की है। इस घोषणा के बाद राज्य सरकार और सुरक्षाबल राज्य में व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखने के लिए चौकस हो गए हैं।

असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने कहा, "हमने सुरक्षा बलों को सतर्क कर दिया है ताकि गणतंत्र दिवस से पहले अलगाववादी हिंसात्मक घटना को अंजाम न दे सके।" पूर्वोत्तर में में 6 मुख्य अलगावादी संगठनों ने गणतंत्र दिवस के बहिष्कार की घोषणा की है और 26 जनवरी को हड़ताल का आह्वान किया है। 6 विद्रोही संगठनों ने पत्रकारों को भेजे ईमेल में गणतंत्र दिवस के बहिष्कार का ऐलान किया है।

ईमेल में कहा गया है, "हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि इस इलाके के लोगों का भविष्य भारतीय औपनिवेशिक व्यवस्था के भीतर खत्म हो चुका है। हम अपनी सम्प्रभुता और आजादी हासिल करने के लिए भारतीय औपनिवेशिक शासन के खिलाफ लड़ रहे हैं। तभी हम सम्मान के साथ जीवित रह सकते हैं।"

गणतंत्र दिवस का बहिष्कार करने वाले संगठनों में 'युनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम'(उल्फा), 'नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड' (एनडीएलएफ), 'मणिपुर पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट' (एमपीएलएफ) सहित कई बड़े विद्रोही संगठनों जैसे 'कामतपुर लिबरेशन ऑर्गेनाइजेशन' (केएलओ), 'नेशनल लिबरेशन फ्रंट ऑफ त्रिपुरा' (एनएलएफटी) और 'त्रिपुरा पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट' (टीपीडीएफ) शामिल हैं। ये सभी समूह असम, मणिपुर और त्रिपुरा में सक्रिय हैं।

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