मुस्लिमों को मारना चाहते थे हम : असीमानंद

बैंगलोर । समझौता एक्सप्रेस धमाका मुस्लिम संगठतों को खत्म करने के लिए करवाया गया था, ये कहना है स्वामी असीमानंद का, जिन्हें अभी थोड़ी देर पहले एक स्थानीय अदालत ने 27 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। अदालत ने स्वामी असीमानंद का बयान दर्ज करने संबंधी एक आवेदन भी स्वीकार कर लिया है।

आपको बता दें असीमानंद की रिमांड अवधि गुरूवार को खत्म हो रही थी। असीमानंद को हरियाणा की पंचकुला कोर्ट में पेश किया गया जहां से उन्हें 27 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। सूत्रों के मुताबिक राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने असीमानंद की कस्टडी की मांग नहीं की। जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें जेल भेजने का आदेश सुनाया।

पढ़े : न्यायिक हिरासत में स्वामी असीमानंद
अंदर की खबर रखने वालों ने ये कहा है कि असीमानंद से महाराष्ट्र एटीएस भी पूछ-ताछ कर सकती हैं। गौरतलब है कि असीमानंद ने अपना गुनाह सीबीआई के सामने कबूल लिया है। उन्होने पुलिस के सामने जो कुछ भी कहा है उससे एक बार फिर से स्वयंसेवक संध की गतिविधियों पर सवाल उठने लगे हैं। असीमानंद के मुताबिक उन्होंने धमाका बदला लेने के मकसद से किया था।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक असीमानंद ने सीबीआई के सामने कबूल किया है कि समझौता एक्‍सप्रेस धमाके में हिंदूवादी संगठनों का हाथ था। फरवरी, 2007 में समझौता एक्सप्रेस में हुए विस्फोट में 68 लोगों की मौत हो गई थी, जिसमें अधिकांश पाकिस्तान के निवासी थे। असीमानंद ने कहा, मैंने सभी से कहा है कि बम का जवाब बम से देना चाहिए और हिंदू चुप बैठे हैं जो ठीक नहीं है।"

असीमानंद ने सीबीआई के सामने अपने बयान में मक्‍का मस्जिद और अजमेर दरगाह ब्‍लास्‍ट मामलों से आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार के संबंधों के बारे में भी कई 'राज" खोले हैं। उन्‍होंने यह भी बताया है कि किस तरह प्रज्ञा ठाकुर, सुनील जोशी, इंद्रेश कुमार और अन्‍य लोगों ने देशभर में आतंकी हमले की साजिश रची थी।

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