इस दौरे पर राहुल को झेलना पड़ा विरोध

लखनऊ। कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी अपने दो दिवसीय उत्तर प्रदेश दौरे पर जहां-जहां गए, वहां-वहां उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा। सम्भवत: यह उनका पहला दौरा है जिसमें उन्हें इतने भारी विरोध का सामना करना पड़ा है। बहरहाल, कांग्रेस इसे साजिश करार दे रही है तो विरोधी दल इसे उचित ठहरा रहे हैं। जो भी हो, राहुल के इस दौरे ने अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अभी से ही प्रदेश की राजनीति को गरमा दिया है।

दो दिवसीय दौरे पर राहुल ने राज्य के पांच बड़े शहरों का दौरा किया और वहां छात्रों से मुलाकात की, बातचीत की और फिर राजनीति में आने के लिए उन्हें प्रेरित भी किया। पहले दिन वह वाराणसी और इलाहाबाद गए तो दूसरे दिन लखनऊ, झांसी और आगरा। इस दौरान राहुल का प्रत्येक शहर में विरोध हुआ। कहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) तो कहीं समाजवादी पार्टी (सपा) की छात्र इकाई ने उनका विरोध किया। कहीं बुंदेलखंड मुक्ति मोर्चा (बीएमएम) के कार्यकर्ताओं का तो कहीं ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) का उन्हें विरोध झेलना पड़ा।

छात्रों से सम्वाद करने उत्तर प्रदेश के झांसी पहुंचे राहुल पर बुंदेलखंड राज्य के गठन के मुद्दे पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए बीएमएम के कार्यकर्ताओं ने विरोध-प्रदर्शन कर उनके काफिले पर पर्चे फेंके।

राहुल जब मुक्ताकाशी मंच मैदान में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करने जा रहे थे तभी जीवन शाह चौराहे पर बीएमएम के कार्यकर्ताओं ने 'राहुल वापस जाओ' के नारे लगाते हुए उनके काफिले पर बुंदेलखंड को पृथक राज्य बनाने की मांग के पर्चे फेंके।

बीएमएम के कार्यकर्ताओं का आरोप था कि राहुल ने बीते लोकसभा चुनाव के दौरान वादा किया था कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की सरकार दोबारा बनने पर वह बुंदेलखंड को अलग राज्य बनाने की पहल करेंगे, लेकिन सत्ता पा जाने के बाद उन्होंने और कांग्रेस ने वादाखिलाफी की। झांसी के पुलिस अधीक्षक (शहर) जगदीश सिंह ने आईएएनएस से कहा कि राहुल के काफिले पर पर्चा फेंकने में शामिल बीएमएम के चार-छह कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है। उन्होंने इस घटना को राहुल की सुरक्षा में सेंध मानने से इंकार करते हुए कहा कि उस समय मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था। जैसे ही कार्यकर्ताओं ने पर्चे फेंके उन्हें पकड़ लिया गया।

इससे पहले लखनऊ में भी उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने कार्यकर्ताओं ने महंगाई और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर राहुल गांधी के दौरे के विरोध में नारेबाजी और प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं का आरोप था कि कांग्रेस पार्टी इन दोनों ही मुद्दों से निपटने में पूरी तरह से विफल रही है।झांसी से आगरा गए राहुल का वहां भी विरोध हुआ और हर गली चौराहे पर सपा कार्यकर्ताओं ने उन्हें काले झंडे दिखाने की कोशिश की।

इससे पहले सोमवार को उत्तर प्रदेश स्थित केंद्रीय विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ की बहाली के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी (सपा) के छात्र संगठन समाजवादी युवजन सभा के कार्यकर्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ा।इलाहाबाद शहर के धूमनगंज इलाके में समाजवादी युवजन सभा के कार्यकर्ताओं ने सोमवार शाम कांग्रेस महासचिव को उस समय 'मुर्दाबाद' और 'वापस जाओ' लिखे पोस्टर तथा काले गुब्बारे दिखाए, जब वह हवाई अड्डे से मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के लिए जा रहे थे।

सोमवार को ही वाराणसी में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) जाकर छात्रों से संवाद स्थापित करके राहुल ने छात्रों से देश के विकास के लिए राजनीति में आने का न्योता दिया।राहुल ने हालांकि बीएचयू में छात्रसंघ की बहाली पर कुछ न कहकर छात्रों को निराश भी किया। ज्ञात हो कि बीएचयू में यहां बीते 13 सालों से छात्र संघ चुनाव नहीं हुए।

सपा और भाजपा समर्थित छात्र संगठनों ने राहुल की यात्रा विरोध करते हुए परिसर के अंदर प्रदर्शन कर तोड़फोड़ की। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर हल्का बल प्रयोग करके करीब पचास छात्रों को हिरासत में भी लिया।कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी ने राहुल के दौरे के दौरान हुए विरोध को साजिश करार देते हुए कहा, "यह बहुजन समाज पार्टी (बसपा), भाजपा और सपा की मिली जुली कारगुजारी है। ये सभी दल राहुल के बढ़ते प्रभाव से घबराए हुए हैं। राहुल की आंधी से वे डरे हुए है और इसलिए इस तरह उनका विरोध कर रहे हैं। राज्य सरकार प्रदर्शनकारियों को प्रश्रय दे रही है।"

उत्तर प्रदेश की राजनीति में हाशिए पर पहुंची कांग्रेस के संगठन को मजबूत करने के लिए राहुल लगातार वहां का दौरा कर रहे हैं लेकिन विरोधी दल इसे राहुल का राजनीतिक स्टंट करार दे रहे हैं। बहरहाल, वर्ष 2012 में राज्य में विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में सियासत तो गरमाएगी ही।

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