तेलंगाना के अलावा कुछ और नहीं : टीआरएस
टीआरएस विधायक के. तारकरामा राव ने संवाददाताओं को बताया कि इस समस्या का एकमात्र व्यवहारिक हल पृथक तेलंगाना राज्य का गठन है जो 10 जिलों को मिलाकर बनाया जाए और हैदराबाद को उसकी राजधानी बनाया जाए। राव ने कहा, "समिति द्वारा सुझाया गया अन्य कोई भी विकल्प तेलंगाना की जनता को स्वीकार्य नही हैं। केंद्र सरकार को लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए और अपने वायदे के अनुरूप पृथक तेलंगाना राज्य के गठन के लिए तत्काल कदम उठाना चाहिए।"
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तेलंगाना क्षेत्र के तेदेपा नेताओं ने भी श्रीकृष्णा समिति की रिपोर्ट को नकार दिया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों को पृथक तेलंगाना राज्य से कम कुछ भी मंजूर नहीं है। तेदेपा तेलंगाना फोरम के समन्वयक नागम जनार्दन रेड्डी ने कहा, "हम उम्मीद कर रहे थे कि समिति तेलंगाना राज्य के गठन के लिए सीधा विकल्प सुझाएगी लेकिन उसने विभिन्न तरह के सुझाव देकर क्षेत्र के लोगों का अपमान किया है।"
पूर्व मंत्री ने कहा, 'मैं कांग्रेस को चेतावनी देता हूं कि वह लोगों की भावनाओं के साथ न खेले और संसद के अगले सत्र में विधेयक लाकर तेलंगाना का गठन करे। 'टीआरएस और तेदेपा सहित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी केंद्रीय गृहमंत्री पी. चिदम्बरम द्वारा गुरुवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक का बहिष्कार किया था। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने कहा है कि समिति की रिपोर्ट से भ्रम की स्थिति पैदा हुई है। भाकपा के राज्य महासचिव के. नारायण ने कहा कि केंद्र सरकार को तेलंगाना के गठन में देरी नहीं करनी चाहिए।













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