अजमेर धमाकों की जांच में तेज़ी

बीबीसी संवाददाता, जयपुर
अजमेर की दरगाह में 2007 में ज़बर्दस्त धमाके हुए थे. राजस्थान में पुलिस की आतंकवाद विरोधी शाखा (एटीएस) अजमेर धमाको के तीन संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए अपना अभियान तेज कर दिया है. एटीएस ने इन तीन लोगो की गिरफ्तारी के लिए पांच पांच लाख रूपये का ईनाम घोषित करने का सुझाव दिया है और राज्य के गृह विभाग को प्रस्ताव भेजा है.
एटीएस के मुताबिक, उसे अजमेर ब्लास्ट मामले में गुजरात में बड़ौदा के जयंती भाई उस्ताद, उसके बेटे रमेश गोहिल उर्फ़ घनश्याम और इन दोनों के सहयोगी मफत भाई की तलाश है. ये बड़ौदा के बेस्ट बेकरी कांड में भी वांछित है.
एटीएस अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सत्येन्द्र रानावत का कहना है, ''हमने इस बारे में गृह विभाग को प्रस्ताव भेजा है."" पुलिस के मुताबिक, इन तीनो को आखिरी बार मध्य प्रदेश के देवास में एक हिन्दू संगठन के सक्रिय कार्यकर्ता सुनील जोशी के साथ वर्ष 2007 में देखा गया था. इसके बाद सुनील जोशी की हत्या हो गई और ये तीनो अंतर्ध्यान हो गए. इनके साथ गुजरात का हर्षद सोलंकी भी था.
अजमेर की पवित्र दरगाह में वर्ष 2007 में धमाके हुए थे जिसमे तीन लोग मारे गए और पन्द्रह लोग घायल हो गए थे. एटीएस ने सोलंकी को अजमेर ब्लास्ट मामले मे हाल में गिरफ्तार किया था. उसे अब देवास पुलिस, जोशी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर ले गई है. पुलिस के मुताबिक जिन तीन लोगो की तलाश की जा रही है, वो बेस्ट बेकरी मामले में फरारी काटने देवास में जोशी के यहाँ रह रहे थे.
सुनील जोशी को अजमेर धमाको का एक प्रमुख सूत्रधार माना जाता है. जोशी की हत्या के कारणों का अभी खुलासा होना बाकी है. एटीएस ने हाल में वो कार भी मध्य प्रदेश से बरामद की है जिसे विस्फोटक परिवहन में काम में लिया गया था. एटीएस ने अजमेर ब्लास्ट में अब तक पांच लोगो को गिरफ्तार किया है. एटीएस ने संकेत दिया है कि अभी कुछ और गिरफ्तारियां की जा सकती हैं.












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