आखिर क्यों CBI आरुषि केस बंद करना चाहती है : कोर्ट
गाजियाबाद।
आरुषि हत्याकांड ने इतने पेचीदे मोड़ ले लिये है, जिस के आधार पर सच क्या है और गलत क्या है कहना बहुत मुश्किल है, शायद ये अपने आप में अनोखा ही ऐसा केस है जिसमें जांचकर्ता ही संदेह के घेरे में हैं। गाजियाबाद की विशेष सीबीआई अदालत ने आरुषि हत्याकांड में जांच एजेंसी की मामले को बंद करने के मामले पर सुनवाई करते हुए सीबीआई को कड़ी फटकार लगाई। विशेष अदालत ने सीबीआई से पूछा कि आखिर क्लोजर रिपोर्ट देने की इतनी जल्दी क्यों है? id="toptextpromo">उल्लेखनीय
है कि तकरीबन ढाई साल की जांच के बाद सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट पर गाजियाबाद की विशेष सीबीआई अदालत ने सोमवार को सुनवाई की। सीबीआई ने आरुषि हत्याकांड की जांच बंद करने के लिए गाजियाबाद की अदालत में 29 दिसंबर को अर्जी लगाया था। सीबीआई की दलील थी कि मौका-ए-वारदात से ऐसा कोई साक्ष्य नहीं मिला, जिससे जांच आगे बढ़ाई जा सके। id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'> id='top-searched-articles'>आपको
बता दें कि 16 मई, 2008 को नोएडा के जलवायु विहार स्थित डा. राजेश तलवार के घर पर उनकी 14 वर्षीय बेटी आरुषि मृत पाई गई थी। उसकी गला रेतकर हत्या की गई थी। तलवार के नौकर हेमराज का शव अगले दिन मकान की छत से मिला था। सीबीआइ ने इस मामले में आरुषि के माता-पिता को संदेह के घेरे में रखा है। साथ ही कहा है कि राजेश तलवार के खिलाफ पर्याप्त सुबूतों के अभाव में आरोप तय नहीं किए जा सकते, क्योंकि किसी भी तरह से हत्या की वजह तक नहीं पहुंचा जा सका।











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