'कृषि संकट पैदा हो सकता है'

'कृषि संकट पैदा हो सकता है'

शिवरामाकृष्णन परमेश्वरन

बीबीसी तमिल सेवा

सरकारी संस्था नेशनल सैम्पल सर्वे ऑर्गेनाइज़ेशन के एक सर्वेक्षण का निष्कर्ष है कि भारत में 45 प्रतिशत कृषक विकल्प उपलब्ध होने की स्थिति में किसी और रोज़गार में जाना चाहते हैं.

जिन किसानों से सवाल पूछे गए उनमें से 45 प्रतिशत का कहना था कृषि उनकी घरेलू ज़रूरतें पूरी करने में सक्षम नहीं है इसलिए वे किसी दूसरे काम के बारे में सोच सकते हैं.

भारत में हरित क्रांति के जनक कहे जाने वाले कृषि वैज्ञानिक एमएस स्वामीनाथन ने बीबीसी से बातचीत में कहा है कि यह चिंताजनक स्थिति है और कृषि क्षेत्र की हालत बेहतर बनाने की ज़रूरत है.

राष्ट्रीय किसान आयोग के अध्यक्ष एमएस स्वामीनाथन मानते हैं कि यह स्थिति भारत में एक बड़े कृषि संकट की आशंका की ओर इशारा कर रही है.

स्वामीनाथन का कहना है कि भारत में दो-तिहाई आबादी यानी 60 करोड़ से अधिक लोग कृषि पर निर्भर करते हैं इसलिए कृषि की हालत में सुधार के बिना देश की हालत में सुधार नहीं हो सकता.

वे कहते हैं, "भारत की बहुत बड़ी आबादी कृषि पर निर्भर है इसलिए सजग रहने की बहुत ज़रूरत है, अगर सजगता से सही समय पर सही क़दम नहीं उठाए गए तो भारी संकट आ सकता है."

उनका कहना है, "भारत में कृषि सिर्फ़ अनाज उत्पादन की मशीन नहीं है बल्कि वह देश की बड़ी आबादी के लिए रीढ़ की हड्डी है, भारत में कृषि का महत्व दुनिया के किसी भी औद्योगिक देश की तुलना में कहीं बहुत अधिक है."

एमएस स्वामीनाथन ने कहा, "आज का ओद्यौगिक विकास रोज़गार रहित विकास है जबकि कृषि में रोज़गार प्रमुख है इसलिए भारत के लिए कृषि को छोड़ना कोई विकल्प नहीं हो सकता. कृषि के आधुनिकीकरण में पूंजी निवेश की बहुत ज़रूरत है, आधारभूत सुविधाएँ विकसित करनी होंगी ताकि प्रति एकड़ भूमि से किसान को अधिक से अधिक आय मिल सके."

एमएस स्वामीनाथन का कहना है कि कृषि एक बहुत ही जोखिम भरा काम है इसलिए किसान खेती करना छोड़ना चाहते हैं, वे कहते हैं, "पहले वे कर्ज़ लेते हैं फिर फ़सल लगाते हैं, कभी बारिश नहीं होती तो कभी बाढ़ आ जाती है. अगर फ़सल अच्छी हो तो फ़सल की इतनी क़ीमत नहीं मिलती कि किसान का घर चल सके."

उनका कहना है कि अनिश्चित मौसम, अनिश्चित बाज़ार और कर्ज़ का दबाव किसानों पर बहुत भार डाल रहा है जिसकी वजह से वे पूरी तरह थक चुके हैं.

उनका कहना है कि जीवन के दूसरे ख़र्चे बढ़ते जा रहे हैं और कृषि से होने वाली आय छोटे किसानों के लिए पर्याप्त नहीं रह गई है.

मदद बस एक कॉल दूर

पहचान पूर्णतः गोपनीय , पेशेवर परामर्श सेवा

iCALL मेंटल हेल्पलाइन नंबर: 9152987821

सोम - शनि: सुबह 10 बजे - शाम 8 बजे

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+