मप्र में नवजात शिशुओं के लिए जाएंगे फुट प्रिंट

प्रदेश में पिछले कुछ अरसे से नवजात शिशुओं के बदलने की कई शिकायतें सामने आई हैं। इन शिकायतों के बाद सरकारी अस्पतालों में विषम हालात भी बने हैं और बात मारपीट व हंगामे तक पहुंच चुकी है। यह स्थितियां फिर न बने इसके लिए विभाग ने नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
विभाग द्वारा जारी दिए गए दिशा-निर्देशों के मुताबिक बच्चे के जन्म के तत्काल बाद उसके फुट प्रिंट तथा कोई अन्य पहचान का निशान (यदि हो तो) अंकित किया जाए। साथ ही बच्चे के हाथ पर मां के नाम का टेग लगाया जाए। इतना ही नहीं बच्चे को वार्ड से बाहर न ले जाने दिया जाए।
इसके अलावा विभाग ने तमाम मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों और सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वे नवजात शिशुओं के वार्ड में सुरक्षा के व्यापक प्रबंध करें। इसके लिए सुरक्षा गार्ड की तैनाती की जाए, वार्ड में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति का ब्योरा रजिस्टर में दर्ज किया जाए और साथ ही आगंतुक के आने का समय तय कर टोकन व्यवस्था भी लागू की जाए।
स्वास्थ्य विभाग के आयुक्त जे. एन. कंसोटिया ने कटनी में एक बच्चे के गुम होने की घटना को दुखद करार देते हुए यह नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसमें यह हिदायत भी दी गई है कि नवजात शिशु को वार्ड के बाहर डिस्चार्ज टिकट तथा उसकी मां के टेग के मिलान के बाद ही जाने की अनुमति दी जाए।
भोपाल के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. पंकज शुक्ला ने आईएएनएस से चर्चा करते हुए बताया कि नवजात शिशुओं की सुरक्षा के लिए जो निर्देश मिले हैं उनका पालन जल्दी ही किया जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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