प्रसार भारती के सीईओ आरोपों की जांच को तैयार
नई दिल्ली। राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील ने गुरुवार को प्रसार भारती के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) बी.एस. लाली पर लगे वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की जांच सर्वोच्च न्यायालय से कराने की अनुमति दे दी। लाली ने हालांकि आरोपों को खारिज करते हुए उम्मीद जताई कि जांच से सच्ची तस्वीर सामने आ जाएगी। एक बयान में लाली ने कहा, "संस्थान में मेरे खिलाफ साजिश रची गई है और शरारत की गई है। जांच से सच्ची तस्वीर सामने आ जाएगी।"
उन्होंने कहा, "दुभाग्यपूर्ण बात यह है कि बाहरी शक्तिशाली तत्व मेरे खिलाफ साजिश रचने वालों को बढ़ावा दे रहे हैं। उनका एकमात्र मकसद है एक व्यक्ति की छवि को धूमिल करना और प्रमुख लोकतांत्रिक संस्थान को पटरी से उतारना।"लाली ने कहा, "मैं उम्मीद करता हूं कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जांच कराए जाने से जल्द ही सच्ची तस्वीर जनता के सामने आ जाएगी।" उन्होंने यह भी कहा कि न्यायिक जांच से भ्रामक दुष्प्रचार की कलई खुलेगी। कानून सही 'निष्कर्ष' पर पहुंचेगा।
लाली ने रेखांकित किया कि एक तरफ तो उन्हें इस बात का दुख है कि भारतीय प्रशासनिक सेवा के तहत 40 वर्षो की 'बेदाग' सेवा के बाद उन्हें इस स्थिति का सामना करना पड़ रहा है, दूसरी ओर भरोसा भी है कि जांच के दौरान अंतत: उनकी बात सुनी जाएगी।उन्होंने कहा, "लम्बे अरसे बाद यह मौका आया है जब तथ्यों से पर्दा हटेगा और उन अटकलबाजियों पर विराम लगेगा जो आधी सच और पूरी तरह झूठी है।"
लाली का यह बयान तब आया है जब आधिकारिक सूत्रों ने गुरुवार को कहा किराष्ट्रपति पाटील ने लाली पर लगे वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की जांच सर्वोच्च न्यायालय से कराने की अनुमति दे दी।उल्लेखनीय है कि 1971 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं। उन्हें प्रधानमंत्री सहित राज्यसभा के सभापति एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता की सदस्यता वाली समिति ने दिसम्बर, 2006 में प्रसार भारती का मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया था।












Click it and Unblock the Notifications