यूरोपीय संघ, जर्मनी से प्रगाढ़ सम्बंध चाहता है भारत : प्रधानमंत्री
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने गुरुवार को कहा कि भारत, यूरोपीय संघ और जर्मनी से राजनीतिक और रणनीतिक सम्बंध प्रगाढ़ बनाने का इच्छुक है।जर्मनी और बेल्जियम की यात्रा पर रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री ने अपने बयान में कहा कि यूरोपीय संघ के नेताओं से विचार-विमर्श में आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई का मुद्दा उनकी प्राथमिकता में रहेगा।यात्रा के अपने पहले पड़ाव ब्रुसेल्स में मनमोहन सिंह भारत-यूरोपीय संघ की 11 वीं बैठक में हिस्सा लेंगे। इस बैठक का अध्यक्षता यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष हर्मन वेन रम्पी और यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष जोस मैन्युएल बारोस संयुक्त रूप से करेंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा, "यूरोपीय संघ के साथ हमारी साझेदारी आर्थिक और विकास सहयोग से विस्तृत रणनीतिक संबंधों की ओर बढ़ेगी।"
उन्होंने कहा, "भारत और यूरोपीय संघ में लोकतंत्र, विविधता, सहिष्णुता, कानून के शासन और मानवाधिकारों के प्रति सम्मान के मूल्यों की समानता है। इन समानताओं के चलते वैश्विक मुद्दों पर हमारे विचारों में भी समानता है। हम आतंकवाद और सुरक्षा के लिए गैर-परंपरागत खतरों सहित विभिन्न क्षेत्रों में आपसी सहयोग बढ़ाना चाहते हैं।"
उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और निवेश एवं प्रौद्योगिकी का बड़ा स्रोत है।उन्होंने कहा, "विस्तृत व्यापार एवं निवेश समझौते पर वार्ता जारी है और हमें उम्मीद है कि इस बैठक के दौरान वार्ता की प्रगति की समीक्षा होगी।"
बर्लिन में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जर्मनी के राष्ट्रपति क्रिश्चियन वुल्फ से मुलाकात करेंगे।भारत और जर्मनी दोनों वर्ष 2012-13 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अस्थायी सदस्य रहेंगे।












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