सुरक्षा में चूक हुई: चिदंबरम

रामदत्त त्रिपाठी
बीबीसी संवाददाता, लखनऊ
वाराणसी में मंगलवार को हुए विस्फोट के बाद केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम ने बुधवार को घटनास्थल का दौरा करने के बाद कहा है कि राज्य सरकार को पिछले फ़रवरी में दशाश्वमेध घाट में सतर्क रहने को कहा गया था लेकिन सुरक्षा व्यवस्था में चूक हो गई.वे अस्पताल में जाकर घायलों मिले हैं.इससे पहले मंगलवार को आधी रात के बाद मुख्यमंत्री मायावती ने भी घटनास्थल का दौरा किया था.इस बीच भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना ने विस्फोट के विरोध में शहर में बंद का आह्वान किया है. बंद का छिटपुट असर दिखाई दे रहा है.
तस्वीरें: विस्फोट के बाद
उल्लेखनीय है कि मंगलवार की शाम को गंगा के दशाश्वमेध घाट के नज़दीक शीतला घाट पर एक विस्फोट हुआ था, जिसमें एक बच्ची की मौत हो गई थी और 40 अन्य घायल हो गए थे.बीबीसी को भेजे गए एक ईमेल में कहा गया है कि इंडियन मुज़ाहिदीन इसकी ज़िम्मेदारी स्वीकार करता है.पी चिदंबरम ने बुधवार की सुबह अधिकारियों के साथ घटनास्थल का दौरा किया है और अस्पताल जाकर घायलों से मुलाक़ात की है.
इसके बाद उन्होंने पत्रकारों से हुई बातचीत में कहा है कि केंद्र सरकार ने सभी राज्यों से कहा था कि वे मुंबई में हुए हमलों की तारीख़ 26/11 और बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी छह दिसंबर को विशेष सतर्कता बरतें.उनका कहना था कि उत्तर प्रदेश सरकार का जहाँ तक सवाल है तो केंद्रीय गृहमंत्रालय ने 25 फ़रवरी को भेजे गए अपने संदेश में कहा था कि दशाश्वमेध घाट चरमपंथियों के निशाने पर है और वहाँ सुरक्षा के विशेष इंतज़ाम किए जाएँ.
चिदंबरम ने कहा कि वहाँ सुरक्षा के इंतज़ाम तो किए गए थे लेकिन काफ़ी समय तक सब कुछ ठीक रहने से, लगता है कि थोड़ी ढिलाई आ गई.उनका कहना था, "पुलिस को हर वक़्त मु्स्तैद रहना होगा और यह समझना होगा कि हर दिन एक नया दिन है."केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा, "इस विस्फोट का उद्देश्य माहौल ख़राब करना था लेकिन वाराणसी के लोगों ने ऐसा नहीं होने दिया इसके लिए मैं उन्हें बधाई देता हूँ."उन्होंने कहा है कि वे विस्फोट में जान गँवाने वाली बच्ची स्वातिका के पिता प्रोफ़ेसर संतोष कुमार और परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं.
हाल की चरमपंथी घटनाएँ
उन्होंने एक घायल महिला फूलमणि के गंभीर रुप से घायल होने पर चिंता जताई और कहा कि डॉक्टरों का कहना है बाक़ी लोगों को छोटी से मामूली चोटें आई हैं और उनका इलाज चल रहा है.पुलिस को घटनास्थल से धातु के टुकड़े नहीं मिले हैंनौ लोगों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है जबकि 31 लोगों का इलाज चल रहा है.इससे पहले मंगलवार को रात क़रीब दो बजे उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री ने घटना स्थल का दौरा किया था.
उन्होंने घायलों का इलाज सरकारी खर्चे पर कराने का आश्वासन दिया.इन आरोपों का उन्होंने खंडन किया कि छह दिसंबर के मद्दे नज़र पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई थी. उन्होंने कहा कि वह केंद्र सरकार से अनुरोध करेंगी कि जिस प्रकार से 26 नवम्बर के धमाकों के बाद मुंबई में व्यवस्था की गई है , वही व्यवस्था वाराणसी में भी की जाए.मायावती ने ऐसी वारदातों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र से स्पेशल फ़ोर्स की भी मांग की.पुलिस जाँच कर रही है कि विस्फोट किस तरह से किया गया.
दो लोगों से पूछताछ
बुधवार को दोपहर तक पुलिस को इस बात का कोई सुराग नहीं लगा था कि इसके लिए किस तरह के विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया.पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना स्थल से उन्हें अब तक किसी तरह की धातु का कोई टुकड़ा नहीं मिला है, जो कि आमतौर पर विस्फोटकों में उपयोग में आता है.उनका कहना है कि जो लोग घायल हुए हैं वो पत्थर से चोट लगने से हुए हैं.पुलिस और फ़ोरेंसिक विशेषज्ञ जाँच में लगे हुए हैं.इस बीच मुंबई पुलिस ने घटना की ज़िम्मेदारी लेने वाले मेल के सिलसिले में नवी मुंबई में दो लोगों से पूछताछ की है.इस बारे में आगे जाँच जारी है.












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