फिर सपाई बने 'आजम खां'
आपको बता दें आजम को पिछले साल हुए लोकसभा चुनाव में रामपुर से जयाप्रदा को सपा का टिकट दिए जाने का विरोध करने पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलप्त होने के आरोप में सपा से निकाल दिया गया था। उन्होंने पिछले लोकसभा चुनाव में मुलायम सिंह यादव द्वारा पूर्व भाजपा नेता कल्याण सिंह से हाथ मिलाने का भी विरोध किया था। बाद में मुलायम और कल्याण के बीच तनाव पैदा हुआ और वे अलग हो गए। इसके अलावा अपने धुरप्रतिद्वंद्वी अमर सिंह को भी पार्टी से निकाले जाने से आजम की सपा में वापसी का रास्ता साफ हो गया था। इस बीच, सपा के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव ने बैठक में विधानसभा में नेता विरोधी दल के पद से इस्तीफा देने का एलान करते हुए आजम को यह पद देने का सुझाव दिया।
आजम खां ने वर्ष 2012 में राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव की रणनीति तय करने के लिए यहां सपा मुख्यालय में बुलाई गयी पार्टी सांसदों, विधायकों तथा सभी जिला एवं राज्य कार्यकारिणी सदस्यो की बैठक में हिस्सा लिया। कयास लगाये जा रहे है कि आजम खां की वापसी से मुलायम को कोया मुस्लिम समर्थन वापस मिल जायेगा।













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