भोपाल गैस पीड़ितों ने फिर मांगा अपना हक

उल्लेखनीय है कि 26 साल पहले दो-तीन दिसंबर 1984 की रात यूनियन कार्बाइड संयंत्र से रिसी जहरीली गैस ने हजारों लोगों को मौत की नींद सुला दी थी। वहीं हजारों लोग जहरीली गैस से उत्पन्न बीमारियों से जूझने को विवश हैं।जहरीली गैस का असर अब तक झेल रहे लोगों में गुस्सा बरकरार है। यही कारण है कि शुक्रवार की सुबह से ही यूनियन कार्बाइड संयंत्र के सामने पीड़ित जमा होने लगे और उन्होंने एंडरसन सहित अन्य राजनेताओं के पुतले फूंके।
भोपाल। भोपाल गैस त्रासदी की 26वीं बरसी पर गैस पीड़ितों ने अमेरिका से लेकर भारत और मध्य प्रदेश सरकार को जमकर कोसा। उन्होंने हक की लड़ाई जारी रखने का संकल्प लेते हुए यूनियन कार्बाइड के तत्कालीन मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं मुख्य आरोपी वारेन एंडरसन के पुतलों का दहन किया। भोपाल गैस पीड़ित सहयोग संघर्ष समिति के बैनर तले यूनियन कार्बाइड संयंत्र के सामने श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस मौके पर समिति की संयोजक साधना कार्णिक ने कहा कि हादसे का शिकार बने लोगों की तीसरी पीढ़ी भी जिंदगी के लिए संघर्ष कर रही है, मगर केंद्र एवं राज्य सरकार अमेरिका के दबाव में दोषियों को बचाने का प्रयास कर रही है।
भोपाल गैस पीड़ित महिला उद्योग संगठन ने शाहजहानी पार्क में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन कर सर्वोच्च न्यायालय को आवेदन भेजने के लिए फार्म भरवाए गए। इस मौके पर संयोजक अब्दुल जब्बार ने कहा, "केंद्र और राज्य सरकारों ने हर स्तर पर पीड़ितों को ठगने का काम किया है। सात जून को भोपाल न्यायालय से फैसला आने के बाद हर दल के नेताओं ने पीड़ितों को इंसाफ दिलाने की बात की थी। इसके लिए केंद्रीय मंत्रियों के समूह का गठन हुआ, मगर मंत्री समूह के फैसलों ने फिर वही छल किया, जैसा पीड़ितों के साथ अब तक होता आया है।"
जब्बार का आरोप है कि केंद्र से लेकर प्रदेश सरकार तक गैस पीड़ितों के साथ सिर्फ वादे करती है। बीमार और मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है, मगर सरकारें इसे स्वीकारने के बजाय नकारने का काम कर रही है।
पीड़ितों ने यूनियन कार्बाइड संयंत्र पर पहुंच कर प्रदर्शन किया और एंडरसन का पुतला फूंका।इसी तरह पांच संगठनों गैस पीड़ित महिला स्टेशनरी कर्मचारी संघ, भोपाल गैस पीड़ित निराश्रित पेंशन भोगी संघर्ष मोर्चा, भोपाल गैस पीड़ित महिला पुरुष संघर्ष मोर्चा, भोपाल ग्रुप इंफार्मेशन एण्ड एक्शन और 'डाउ-कार्बाइड के खिलाफ बच्चे' के बैनर तले रैली निकाली गई। रैली में पीड़ित लोग एंडरसन के पुतले को लेकर चल रहे थे। इस पुतले का दहन कर पीड़ितों ने अपने गुस्से का इजहार किया।
भोपाल गैस हादसे की 26वीं बरसी पर बुजुर्गो से लेकर युवाओं और बच्चों ने यूनियन कार्बाइड संयंत्र पर पहुंच कर अपने गुस्से का इजहार किया। शुक्रवार को पूरे दिन यूनियन कार्बाइड के सामने वारेन एंडरसन के पुतले जलाए जाते रहे।












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