हरियाणा में तेजी से बढ़ा 'बहु' खरीदने का कारोबार
देशभर के विभिन्न विभिन्न राज्यों से लड़कियों की खरीद बेच करने वाले नेटवर्क ने हरियाणा तथा पंजाब प्रदेश में अपनी जड़े मजबूत कर ली है। इस नेटवर्क से जुड़े लोग उच्च, मध्यम तथा निम्र वर्ग में जीवन गुजार रहे परिवारों से संपर्क बढ़ाकर उन्हे मोल की बहू दिलवाने में अहम भूमिका निभाते है।
सामाजिक नियमों, परंपराओं की दुहाई देने वाले हरियाणा की वर्तमान स्थिति है कि प्रदेश में सैकड़ों की संख्या में अन्य राज्यों की खरीद कर लाई गई लड़कियां जीवन संगनी बन चुकी है और बन रही है। सरकारी दावे भले ही लड़की के जन्मदिन पर 'कुआं पूजन' का प्रचार प्रयास कर रहे है, मगर वास्तविकता यह है कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्र स्तर तक भ्रूण हत्या का सिलसिला रूकने का नाम नहीं ले रहा।
वर्तमान में 15000 ये ज्यादा ऐसी लड़किया बहूं बनी है, जिन्हे भिन्न-भिन्न राज्यों से खरीदा गया है। लड़कियों की इस प्रकार की खरीद फरोक्त में पहले से शादी कर चुके लोगों के रिश्तेदार, मैरिज ब्यूरों, दोस्त, परिचित, पड़ोसी व ट्रक डाइवरों के अतिरिक्त दलाल शामिल है।
प्रदेश में पुत्र की चाह के पीछे लड़के को सहारा मानने की सदियों पुरानी मानसिक प्रवृति के चलते गर्भ में प्रसव पूर्व लिंग परीक्षण उपरांत गर्भपात धड़ल्ले से चल रहा है। अन्य राज्यों से बहुंए लाने वाले 318 लोगों पर किए गए एक सर्वे से पता चला है कि लगभग 34 प्रतिशत ने इच्छानुसार, 12 प्रतिशत ने रिश्ता न होने तथा शेष ने विवशत वश बहु लाने का रास्ता चुना है।













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