3 लड़कियां वेश्यावृत्ति छोड़ बनीं 'शुभदेवियां'
सिरसा। हरियाणा के सिरसा जिले में तीन लड़कियां वेश्यावृत्ति को त्यागने में कामयाब हुईं। उनकी इस कामयाबी पर डेरा सच्चा सौदा ने उन्हें 'शुभदेवी' की उपाधि देते हुए उनकी शादी करवायी, वो भी डेरा सच्चा के 'भक्त योद्धा' की उपाधि प्राप्त युवकों से करवायी। यह पावन कार्य डेरा सच्चा के संस्थापक बेपरवाह मस्ताना महाराज के जन्मदिवस पर किया गया।
संस्थापक का जन्मदिवस सोमवार को धूमधाम से मनाया गया। सत्संग के दौरान डेरा सच्चा सौदा संत गुरमीत राम रहीम सिंह ने वेश्यावृति त्याग कर आने वाली तीन लड़कियों 'शुभदेवियों' की शादियां करवाई। संत जी ने 'शुभदेवी' की उपाधि से नवाजी गई वेश्यावृति त्यागकर समाज की मुख्य धारा में शामिल होने वाली तीन युवतियों की शादी 'भक्त योद्धा' की उपाधि से अलंकृत युवाओं से करवाई।
गुरू जी ने जहां शुभदेवियों को अपनी बेटी माना वहीं उन्हे अपनी और से 25-25 हजार रूपए के चैक भी भेंट करते हुए उन्हे सुखमय वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद प्रदान किया। शुभदेवी-भक्तयोद्धा को कपड़े और घरेलू सामान के साथ साथ डेरा सच्चा सौदा के शाही परिवार के सदस्यों ने भी 21-21 हजार रूपए भेंट किए। वेश्याओं के कल्याण के लिए डेरा सच्चा सौदा द्वारा चलाई गई इस मुहिम में एक और मील पत्थर स्थापित हुआ जब एक भक्त योद्धा ने शुभदेवी को अपना जीवनसाथी बनाने के साथ साथ उसकी बेटी को भी अपनी बेटी की तरह अपनाया।
उल्लेखनीय है कि डेरा सच्चा सौदा द्वारा वेश्याओं के कल्याण के लिए बीते जनवरी माह से अनोखी मुहिम चलाई, जिसमें वेश्यावृति त्यागकर समाज की मुख्यधारा में शामिल होने वाली लड़कियों को अपना कर उनकी संपूर्ण चिकित्सीय जांच करवाकर उनकी शादियां करवाई गई। गुरू जी ने उन लड़कियों को अपनी बेटी माना है तथा उन्हे 'शुभदेवी' की संज्ञा दी तथा उन लड़कियों को अपनाने वाले युवाओं को 'भक्तयोद्धा' की उपाधि दी है। अब तक हजारों संभ्रात परिवारों से जुड़े पढ़े लिखे युवा गुरू जी के आह्वान पर इन युवतियों को अपने जीवन साथी के रूप में अपनाने के लिए आगे आ चुके है। इन शादियों के दौरान लड़के व लड़की दोनो की पहचान पूर्णत गोपनीय रखी जाती है। अब तक डेरा सच्चा सौदा वेश्वावृति के दलदल से निकली 10 लड़कियों की विवाह करवा चुका है।












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