भारी सुरक्षा के बीच मतदान

भारी सुरक्षा के बीच मतदान

मणिकांत ठाकुर

बीबीसी संवाददाता, पटना

शनिवार को अंतिम दौर के मतदान में 18 सीटों पर विशेष सुरक्षा इंतज़ाम किए गए हैं.243 सीटों वाली बिहार विधानसभा के लिए इस बार छह चरणों में कराए जा रहे मतदान का ये अंतिम चरण शांतिपूर्ण रहे इसके ख़ास तौर पर सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं.विशेष सुरक्षा इसलिए क्योंकि जिन 26 सीटों के लिए इस चरण में मतदान हो रहा है, उनमें से 18 विधानसभा क्षेत्र नक्सली या माओवादी हिंसा से प्रभावित रहे हैं.

चुनाव वहिष्कार का आहवान करने वाले सीपीआई माओवादी नामक संगठन का इन इलाक़ों में दबदबा और ख़ौफ़ देखते हुए मतदान के दौरान भारी तादाद में केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है.ख़ासतौर पर उन 18 विधानसभा क्षेत्रों के हरेक बूथ पर केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात किए गए हैं जहां मतदान का समय भी सुरक्षा कारणों से दो घंटे कम कर दिया गया है.

यानि शाम पांच बजे के बजाय दोपहर बाद तीन बजे तक ही वहां वोट डाले जा सकेंगे.यही वो इलाक़ा है, जहाँ नक्सलियों ने दलेलचक-बघौरा, बारा और मियांपुर के तीनों बड़े-बड़े नरसंहारों के ज़रिए मध्य बिहार में अपना ख़ूनी दबदबा क़ायम किया. दो पूर्व सांसदों की हत्या यहीं की गई थी.अपनी अलग 'जन अदालतें' लगाकर कथित दोषियों के हाथ-पाँव काटने या सरेआम उन पर डंडे बरसाने जैसा तालिबानी आतंक यहीं दिखता रहा है. यहाँ कुछ इलाक़ों को तो इन्होंने अपनी सामानांतर सरकार वाला मुक्त क्षेत्र (लिबरेटेड ज़ोन) घोषित कर रखा है.

संसदीय लोकतंत्र को 'ढकोसला और सर्वहारा विरोधी बुर्जुआ तंत्र' मानने वाले इन नक्सलियों ने पहले की तरह इस बार भी चुनाव बहिष्कार की अपील जारी की है. इस अपील का आम तौर पर बिहार के चुनाव में कभी कोई ख़ास असर नहीं देखा गया.लेकिन ये ज़रूर हुआ कि जहाँ इन्हें मौक़ा मिला, वहाँ सड़क या रेलमार्ग पर तोड़-फोड़ या बारूदी सुरंग विस्फोट के ज़रिए ख़ास तौर पर सुरक्षा बलों को निशाना बनाया.

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+