शीत सत्र से पहले चव्हाण और कलमाडी के इस्तीफे
चव्हाण ने राज्यपाल के. एस. शंकरनारायणन को इस्तीफा सौंप दिया जिसे स्वीकार कर लिया गया। राज्यपाल ने अगली व्यवस्था तक उनसे पद पर बने रहने के लिए कहा है। महाराष्ट्र में कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की गठबंधन सरकार है। इससे पहले कांग्रेस आलाकमान ने चव्हाण का इस्तीफा मंजूर कर लिया। पार्टी महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने आईएएनएस को बताया, "इस मामले की जांच हो रही है लेकिन चव्हाण के इस्तीफे को स्वीकार कर लिया गया है। उनसे कहा गया है कि वह इस्तीफा महाराष्ट्र के राज्यपाल शंकरनारायणन को सौंप दे।"
कांग्रेस से जुड़े सूत्रों ने बताया, "चव्हाण ने पिछले दिनों दिल्ली में पार्टी के आला नेताओं से मुलाकात के दौरान इस्तीफे की पेशकश की थी। अब उसे स्वीकार कर लिया गया है।"मुम्बई की आदर्श सोसायटी की 31 मंजिली इमारत कारिगल के शहीदों के परिजनों के लिए बनाई गई थी। इस इमारत में चव्हाण के कुछ रिश्तेदारों के नाम भी फ्लैट आवंटित किए गए थे।
मामले के सामने आने के बाद कांग्रेस आलाकमान ने चव्हाण को दिल्ली तलब किया था। पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात के दौरान उन्होंने इस्तीफे की पेशकश की थी। इस मामले की जांच के लिए सोनिया ने केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी और रक्षा मंत्री ए. के. एंटनी को लेकर एक टीम का गठन किया था।
पार्टी का कहना है कि जल्द ही नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान कर दिया जाएगा। कांग्रेस प्रवक्ता जयंती नटराजन ने कहा, "यह उच्च सैद्धांतिक निर्णय है जो पहले कभी किसी दूसरी पार्टी में नहीं देखने को मिला। ऐसी परिथितियों के लिए हमारे पास एक व्यवस्थित प्रक्रिया है। अब नए नेता का चुनाव होगा।"
चव्हाण की जगह कौन लेगा, इसको लेकर अभी अटकलों का दौर चल रहा है। मुख्यमंत्री की दौड़ में केंद्रीय बिजली मंत्री सुशील कुमार शिंदे, प्रधामंत्री कार्यालय (पीएमओ) में राज्य मंत्री पृथ्वीराज चव्हाण, महाराष्ट्र में पार्टी के नेता नारायण राणे, बालासाहेब थोरट और राधाकृष्ण विखे पाटिल शामिल हैं।
पद से इस्तीफा देने के बाद चव्हाण ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का भरोसा उन पर अभी भी कायम है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, "पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व की ओर से मुझे सूचित किया गया है कि मेरा इस्तीफा स्वीकार हो गया है। इसीलिए मैंने महाराष्ट्र के राज्यपाल से मिलकर इस्तीफा सौंप दिया।"
चव्हाण ने कहा, "मेरी नेता (सोनिया गांधी) का भरोसा मुझमें अभी भी कायम है। उनकी वजह से मुझे मुख्यमंत्री पद मिला था। मैं उनका आभारी हं कि उन्होंने मुझे यह जिम्मेदारी थी।"
उधर, कलमाडी ने भी इस्तीफा दे दिया। कांग्रेस से जुड़े सूत्रों ने बताया कि कलमाडी से कहा गया था कि वह मंगलवार से आरंभ हुए संसद के शीतकालीन सत्र से पहले इस्तीफा दे दें। विपक्ष ने राष्ट्रमंडल खेलों में भ्रष्टाचार को लेकर संसद में हंगामे की योजना बनाई थी। कलमाडी भारतीय ओलम्पिक संघ (आईओए) के अध्यक्ष हैं और वह राष्ट्रमंडल खेलों की आयोजन समिति के भी प्रमुख हैं।
पार्टी प्रवक्ता जयंती नटराजन ने एक समाचार चैनल को बताया, "कलमाडी ने इस्तीफे की पेशकश की थी। उनके इस्तीफे को कांग्रेस से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।"
राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन में भ्रष्टाचार की बात सामने आने के बाद केंद्र सरकार की ओर से पहले ही जांच कराई जा रही है। खेलों का आयोजन नई दिल्ली में इसी वर्ष तीन से 14 अक्टूबर के बीच हुआ था।भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा है कि कलमाडी के इस्तीफा देने का कोई मतलब नहीं है। पार्टी ने इस मामले को संसद में उठाने की बात कही है।
भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने मंगलवार को एक समाचार चैनल से कहा, "कांग्रेस संसदीय पार्टी से कलमाडी के इस्तीफे का कोई मतलब नहीं है। लोग राष्ट्रमंडल खेलों से जुड़े घोटाले और लूट के बारे में जानना चाहते हैं। खेलों से मंत्री समूह और कई वरिष्ठ अधिकारी भी जुड़े हुए थे। हम इस मामले को संसद में उठाएंगे।"प्रवक्ता ने केंद्रीय संचार मंत्री ए. राजा का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा ने 'घोटालों की जननी' (स्पेक्ट्रम घोटाले) को भी उठाने की योजना बनाई है।













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